करंट विज़न संवाददाता
प्रयागराज। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में संगम सभागार में जिला स्तरीय सलाहकार समिति (डीएलआरसी) एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीसीसी) की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हर्षिता सिंह भी मौजूद रहीं। इस दौरान नाबार्ड की पीएलपी के आधार पर तैयार वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक ऋण योजना का विमोचन किया गया।बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत लंबित आवेदनों की समीक्षा करते हुए संबंधित बैंकों को एक सप्ताह के भीतर लंबित आवेदनों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद का ऋण-जमानुपात 41.65 प्रतिशत रहने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कम सीडी रेशियो वाले बैंकों को अपनी स्थिति में सुधार लाने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए पात्र लाभार्थियों को समय पर ऋण व अन्य वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके। उन्होंने सीएम युवा स्वरोजगार योजना, ओडीओपी, मुद्रा ऋण, स्टैंडअप इंडिया, केसीसी, स्वयं सहायता समूह, पशुपालन व मत्स्य पालन क्रेडिट कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं के तहत ऋण वितरण बढ़ाने पर जोर दिया।बैठक में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत बैंक स्तर पर लंबित आवेदनों को शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आमजन ज्यादा से ज्यादा लाभ उठा सकें।बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक मणि प्रकाश मिश्रा, भारतीय रिजर्व बैंक लखनऊ के एलडीओ सुधीर पांडेय, नाबार्ड के डीडीएम अनिल शर्मा सहित विभिन्न बैंकों के अधिकारी उपस्थित रहे।
