करंट विज़न संवाददाता
कानपुर देहात जनपद के राजपुर ब्लॉक और सट्टी थाना क्षेत्र के यमुना किनारे स्थित बीहड़ इलाके में तेंदुए की मौजूदगी से सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों के अनुसार बीते एक सप्ताह से अधिक समय से तेंदुआ बार-बार दिखाई दे रहा है, जिससे कई गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है। बताया जा रहा है कि गुबार बिजहरा, जल्लापुर-सिकंदरा, दिबैर की मड़ैया, पिचौरा, बेहमई और अफसरिया समेत आधा दर्जन से अधिक गांव तेंदुए की दहशत की जद में हैं। ये गांव यमुना नदी से सटे जंगल और बीहड़ों के करीब स्थित हैं, जहां से तेंदुआ निकलकर खेतों और बस्तियों तक पहुंच रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शाम होते ही लोग घरों में कैद हो जाते हैं। बच्चे बाहर खेलना छोड़ चुके हैं और पशुओं को लेकर भी ग्रामीण खासे सतर्क हैं। कुछ लोगों ने तेंदुए की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए हैं, जिसके बाद मामला और तेजी से फैल गया। वहीं कुछ जगहों पर पशुओं पर हमले की भी चर्चाएं सामने आई हैं। ग्रामीणों द्वारा लगातार सूचना देने के बाद वन विभाग हरकत में आया। विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सर्च और कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू किया है। जल्लापुर-सिकंदरा समेत कुछ गांवों में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए गए हैं, जिनमें मांस के टुकड़े रखे गए हैं। हालांकि, कॉम्बिंग के दौरान कुछ इलाकों में तेंदुए के ताजा निशान नहीं मिलने से अधिकारियों का मानना है कि वह वापस जंगल की ओर चला गया हो सकता है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह इलाका तेंदुओं का प्राकृतिक आवास माना जाता है, लेकिन मानव बस्तियों के पास आने से मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति बन रही है। विभाग द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत पड़ने पर तेंदुए को ट्रैंक्वलाइज कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा जाएगा। वन विभाग और प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि रात में अकेले बाहर न निकलें, बच्चों और पशुओं पर विशेष नजर रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत 112 या वन विभाग को दें। प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आ जाएगी और किसी प्रकार की अनहोनी नहीं होगी।
