सर्किल रेट बढ़ाने की मांग को लेकर अड़े पुरैला के किसान

करंट विज़न संवाददाता
ताखा, इटावा

गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहित की जा रही जमीनों के उचित मुआवजे को लेकर ताखा तहसील के ग्राम पुरैला के किसानों का आक्रोश चरम पर है। लंबे समय से सर्किल रेट बढ़ाने की मांग कर रहे किसानों की जब शासन-प्रशासन स्तर पर सुनवाई नहीं हुई, तो मामला हाईकोर्ट पहुंचा। अदालत के कड़े रुख के बाद गुरुवार को एडीएम न्यायिक भारी लाव-लश्कर के साथ किसानों से वार्ता करने गांव पहुंचे।
पुरैला गांव के किसानों का सीधा आरोप है कि प्रशासन ने पक्षपातपूर्ण नीति अपनाई है। किसानों ने बताया कि एक्सप्रेस-वे के दायरे में आने वाले पड़ोसी गांवों जैसे कुदरैल, हरकुंजलपुर और गुजराती का सर्किल रेट बढ़ा दिया गया है, जबकि पुरैला ग्राम पंचायत की काफी जमीन जाने के बावजूद यहां का रेट जस का तस है।
ग्रामीणों ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर जनपद के अधिकारियों से लेकर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के दरबार तक हाजिर हुए, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। थक-हारकर किसानों ने हाईकोर्ट की शरण ली। कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ही जिला प्रशासन की नींद टूटी और अधिकारियों का जत्था गांव पहुंचा।
वार्ता के दौरान किसानों ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि सर्किल रेट में वृद्धि नहीं की गई, तो वे अपनी जान दे देंगे लेकिन सस्ती दरों पर अपनी पुश्तैनी जमीन का बैनामा नहीं करेंगे। इस दौरान किसानों और अधिकारियों के बीच काफी गहमागहमी भी देखने को मिली।
किसानों से संवाद करने के लिए एडीएम संदीप श्रीवास्तव न्यायक इटावा, ताखा तहसीलदार जावेद अंसारी, कानूनगो राम गोपाल और लेखपाल संतोष कुमार सहित भारी संख्या में पुलिस बल और राजस्व कर्मी मौजूद रहे। हालांकि, किसानों की मांग पर ठोस निर्णय को लेकर अभी संशय बना हुआ है।

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