करंट विज़न संवाददाता
इटावा। थाना सिविल लाइन पुलिस ने बैंक लोन, नौकरी तथा भवन, मकान को बैंक शाखा हेतु किराये पर उठवाने एवं बैंक से जुडे विभिन्न काम कराने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले शातिर अर्न्तजनपदीय ठग को गिरफ्तार किया। वादी दीपक शर्मा पुत्र अजय शंकर शर्मा निवासी नौरंगाबाद थाना कोतवाली इटावा ने थाना सिविल लाइन पर तहरीरी सूचना दी कि आरोपी आशीष पुत्र बेंचे लाल ने बैंक में अपनी अच्छी पकड़ बताकर वादी को 5 लाख रुपये का लोन दिलाने का झांसा दिया। इसके बदले खर्च और रिश्वत के नाम पर वादी से कुल 1,01,755 रुपये ऑनलाइन और नकद ठग लिए। लोन न मिलने पर जब वादी ने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। वादी की तहरीर पर थाना सिविल लाइन पर मुकदमा पंजीकृत किया गया। थाना सिविल लाइन से गठित पुलिस टीम द्वारा की गयी जांच/पूछताछ में ज्ञात हुआ कि मुख्य आरोपी आशीष ने अपनी मां मिथलेश, भाई अखिलेश कुमार और अन्य अज्ञात साथियों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह बना रखा है। यह गिरोह बैंक अधिकारी बनकर फर्जी मोहरों और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए लोगों को ठगता है। इस गिरोह द्वारा वादी के अलावा अन्य कई लोगों पंकज कुमार से 3,50,000 रुपये, अभिषेक सोनी से 5,85,000 रुपये, कृष्णवीर पाल से 3,65,000 रुपये, राजेश से 1,20,000 रुपये, शीलता देवी से 97,590 रुपये से भी लाखों की ठगी की गई है। पुलिस ने आरोपी आशीष कुमार पुत्र बेंचेलाल निवासी कचौरा रोड, थाना सिविल लाइन इटावा को सुदिती ग्लोबल स्कूल के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी आशीष कुमार से पुलिस टीम द्वारा कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर लोगों से पैसे वसूलने का काम करता है। वह फर्जी बैंक अधिकारी बनकर लोगों को लोन दिलाने का झांसा देता था। कुछ समय पहले सत्यम पाण्डेय निवासी मानिकपुर मोड, थाना इकदिल के साथ भी करीब 4,38,000 रुपये का फ्रॉड किया था। सत्यम पाण्डेय से ठगे गए रुपयों में से उसने एक जोड़ी चांदी की पायल खरीदी थी और शेष पैसे अपनी शादी के एडवांस में दे दिए थे। आरोपी ने बताया कि उसने वादी दीपक शर्मा निवासी नौरंगाबाद इटावा के साथ भी इसी तरह धोखाधड़ी की थी। इसके विरुद्ध जनपद इटावा में करीब 2 दर्जन से अधिक शिकायतों पर विभिन्न अभियोग पंजीकृत हुए है। जिनमें शिकायत कर्ताओं ने सामूहिक रुप से अभियोग दर्ज कराया है। इसी प्रकार जनपद फिरोजाबाद में भी सामूहिक रुप से शिकायतकर्ताओं द्वारा प्रथम सूचना दर्ज करायी गयी है। इस सफलता में प्रभारी निरीक्षक थाना सिविल लाइन के.के. मिश्रा, उपनिरीक्षक संजीव सिंह, उपनिरीक्षक निर्मल सिंह, उपनिरीक्षक संजय सिंह, कां. अजय कुमार, का. रंजीत का सराहनीय योगदान रहा। पुलिस गिरफ्त में पकड़ा गया शातिर आरोपी।
