लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण पर राष्ट्रीय अभियान का केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और अन्नपूर्णा देवी ने किया शुभारंभ

लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण पर राष्ट्रीय अभियान का केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और अन्नपूर्णा देवी ने किया शुभारंभ

  • 11 मंत्रालयों के संयुक्त परामर्श से अंतर-मंत्रालयी सहयोग को नई दिशा, महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और आर्थिक भागीदारी पर फोकससमाज में बेटियों के प्रति भेदभाव की मानसिकता को बदलने की जरूरत- शिवराज सिंह
  • महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बहुत काम हो रहा है- शिवराज सिंह
  • गर्व की बात है कि लखपति दीदियां अब मौका मिलने पर आसमान में उड़ान भर रही है- केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह
  • प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश में कोई बहन गरीब नहीं रहेगी, हमारी कोशिश हैं कि किसी महिला की आंखों में आंसू नहीं निकले- शिवराज सिंह
  • बेटियों को गलत नजर से देखने वालों की सोच बदलना है और जरूरत पड़ने पर ऐसे तत्वों को कुचलना भी होगा- शिवराज सिंह
  • हिंसा मुक्त गांव बनाने के लिए व्यापक जन अभियान चलेगा, महिलाओं से हिंसा किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं- शिवराज सिंह
  • नशा बुराइयों की जड़, नशे के खिलाफ महिलाएं गांव-गांव अलख जगाएं- केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह

नई दिल्ली। केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि और किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने आज “नई चेतना दृ पहल बदलाव की” अभियान के चौथे संस्करण का शुभारंभ किया। यह राष्ट्रीय अभियान लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान और डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी तथा केंद्रीय ग्रामीण विकास सचिव श्री शैलेश कुमार सिंह भी उपस्थित थे। प्रवासी भारतीय केंद्र, सुषमा स्वराज भवन, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए अनेक ठोस पहल कर रही है। उन्होंने बताया कि यह अभियान ग्रामीण भारत में महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और आर्थिक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। श्री चौहान ने कहा कि नई चेतना अभियान महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देता है। हमें सुनिश्चित करना है कि महिलाओं की आवाज़ समाज और शासन के हर स्तर पर सुनी जाए। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि समाज में बेटियों के प्रति भेदभाव की मानसिकता को पूरी तरह से बदलने की जरूरत है। शिवराज सिंह ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बहुत काम हो रहा है। निरंतर अभियान चल रहा है और नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे सरकार के कई कार्यक्रम है।शिवराज सिंह ने इस बात पर गर्व प्रकट किया कि लखपति दीदियां अब मौका मिलने पर आसमान में उड़ान भर रही है, स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से काफी अच्छा काम हो रहा है। 2 करोड़ से ज़्यादा दीदी लखपति बन गई हैं। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश में कोई बहन गरीब नहीं रहेगी, हमारी कोशिश हैं कि किसी महिला की आंखों में आंसू नहीं निकले। कोई हाथ नहीं फैलाए। हर एक बहन के चेहरे पर मुस्कुराहट आना चाहिए, हर बहन लखपति दीदी बन जाए इसके लिए हम काम कर रहे हैं और ये होगा। दुनिया की कोई ताकत बहनों को बढ़ने से रोक नहीं सकती। उसके लिए मेरी दीदियाँ निरंतर काम कर रही हैं। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि बेटियों को गलत नजर से देखने वालों की सोच बदलना है और जरूरत पड़ने पर ऐसे तत्वों को कुचलना भी होगा। उन्होंने कहा कि हिंसा मुक्त गांव बनाने के लिए व्यापक जन अभियान चलेगा, महिलाओं से हिंसा किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। आज के युग में हिंसा सचमुच में मन को बहुत व्यथित करती है। नारी तू नारायणी, नारी की गरिमा के सम्मान के बिना देश, समाज आगे नहीं बढ़ सकता। शिवराज सिंह ने कहा कि हिंसा का एक बड़ा कारण है नशा, नशा बुराइयों की जड़ है, नशे के खिलाफ महिलाएं गांव-गांव अलख जगाएं। नशे के विरुद्ध सरकार के साथ ही समाज को, खासकर महिलाओं को संकल्पबद्ध होकर अभियान के रूप में काम करना होगा। अभियान का उद्देश्य समुदाय आधारित कार्रवाई के माध्यम से लैंगिक हिंसा के प्रति जागरूकता फैलाना, महिलाओं की सुरक्षित गतिशीलता, आर्थिक योगदान की पहचान और घरेलू कार्यों में साझा जिम्मेदारी को बढ़ावा देना है। साथ ही, महिलाओं को सशक्त बनाना भी इसका हिस्सा है। यह देशव्यापी अभियान, ग्रामीण विकास मंत्रालय के अंतर्गत दीनदयाल अंत्योदय योजनादृराष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (क्।ल्-छत्स्ड) द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जो 23 दिसंबर 2025 तक देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चलेगा। इस अभियान की अगुवाई देशभर के स्व-सहायता समूहों के विशाल नेटवर्क द्वारा की जा रही है। कार्यक्रम के दौरान 11 मंत्रालयों/विभागों दृ महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, गृह मंत्रालय, पंचायती राज मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय तथा न्याय विभाग के संयुक्त हस्ताक्षर से अंतर-मंत्रालयी संयुक्त परामर्श (श्रवपदज ।कअपेवतल) भी जारी किया गया। यह पहल ष्ॅीवसम व िळवअमतदउमदजष् दृष्टिकोण का उदाहरण है, जो लैंगिक आधारित भेदभाव और हिंसा के उन्मूलन के लिए सभी मंत्रालयों की सामूहिक शक्ति को जोड़ती है। कार्यक्रम में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के प्रतिनिधियों, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशनों के अधिकारियों, देशभर से आई महिला स्व-सहायता समूह सदस्याओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और भागीदार नागरिक समाज संगठनों ने भाग लिया। कार्यक्रम ने सरकार के लैंगिक समानता और ग्रामीण विकास के साझा संकल्प को सशक्त रूप से प्रदर्शित किया।    Current vision ( Hindi Daily News Paper)

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