रमजान के पाक और मुबारक महीने के संबंध में मजलिस बराये उमूर शरई, इटावा ने जारी की 11 सूत्रीय एडवाइजरी……
करंट विज़न
इमरान खान
रमजान के संबंध में मजलिस बराये उमूरे शरई के अध्यक्ष मौलाना तारिक शम्सी साहब ने 11 सूत्रीय एडवाइजरी जारी करते हुये कहा की चाँद दखते ही 19 या 20 फरवरी से रमजान का पवित्र महीना शरू हो रहा है, यह मुसलमानों का पाक और मुकददस महीना है इसमें लोगों के गुनाहों को माफ किया जाता है। इस महीने में मुसलमान दिन में रोजा रखते हैं और रात में 20 रकात तरावीह (मर्द मस्जिदों में और महिलाएं घरों में) पढ़ते हैं। सभी मुस्लिम भाई बहन इस माह के पूरे रोजे रखें, किसी उज्र के बिना रोजा बिल्कुल न छोड़ें। पूरे महीने तरावीह पढ़ें।
अपने गुनाहों की माफी मांगें और अपने रिश्ते नाते जोड़ें। ज्यादा से ज्यादा नेक काम करने की कोशिश करें। रोजा सिर्फ खाने पीने से रुकने का नहीं बल्कि गुनाहों से बचना भी जरूरी है। इसलिए गुनाहों से भी बचें। झूठ, गीबत, गाली गलौज, धोखाधड़ी, वादा खिलाफी, कम नाप-तौल वगैरा भी सख्त गुनाह के काम हैं।
आने वाले महीने यानी मार्च की 3 व 4 तारीख में होली है और इस दौरान पवित्र माह रमजान भी चल रहा होगा लिहाजा खुद पूरी अहतियात करें और हर ऐसे काम से बचें जो रोजे को खराब करने वाला हो। पूरी यकसूई और एहतिमाम से अपनी इबादतों में मसरूफ रहें। किसी को शरारत का मौका न दें।
1. रोजा रखना हर मुस्लमान बालिग मर्द, औरत पर पूरे महीने फर्ज हैं इसलिए सभी रोजा रखें।
2. इसी रमजान माह में इस वर्ष हमारे हिन्दू भाइयों का त्योहार होली है इसमें हमारे नौजवान एक दूसरे की भावनाओं का ख्याल रखें गली मोहल्ले, बाजारों में घूमने के बजाए मस्जिद या घर में रह कर इबादत करें। अपने मोहल्ले की मस्जिद मे नामज पढ़ें।
3. रमजान की एक इबादत जरूरतमंदों, मिस्कीनों, मोहताजों और गरीबों को तलाश करके जकात, सदकात, खैरात (दान) देकर उनकी गरीबी को दूर करने में मदद करें।
4. रमजान पवित्र माह के आखिरी दस दिन में एतिकाफ करना (जो मोहल्ले की मस्जिद में दस दिन का होता है) बड़ा सवाब है।
5. रमजान में अपनी अपनी मस्जिदों के माइक की आवाज को धीमा रखें,बिला वजह शोर शराबा न करें और सेहरी के वक्त माइक पर सिर्फ वक्त बताने का काम करें जिस से बूढ़ों, बच्चों, बीमारों और दीगर भाइयों को तकलीफ न हो, रमजान रहमत का महीना है,जहमत का नहीं।सभी एक दूसरे के जज्बात का ख्याल रखें।
6. रमजान में किसी रोजेदार को अफ्तार कराना बड़ सवाब का काम है,चाहे एक खजूर या पानी से ही हो। यह याद रखें कि हलाल लुकमे से अफ्तार हो और दिखावा या नुमाइश बिल्कुल न करें। वरना नेकी बर्बाद गुनाह लाजिम के सिवा कुछ हासिल न होगा। इसका खास ख्याल रखें।
7. रमजान के आखरी अशरे की किन्हीं 5 ताक रातों 21, 23, 25, 27, 29 में से किसी एक में शबेकद्र हो सकती है उस में खास तौर पर मस्जिद या घर में रह कर इबादत करें। इस पर एक हजार महीनों की इबादत के बराबर सवाब मिलता है। इसमें सड़कों और बाजारों और कैंटीन में अपना वक्त बर्बाद ना करें ।
8. सड़कों पर रास्तों मे रास्ता रोकर नमाज अदा ना करें।
9. अपने किसी अमल या काम से किसी को तकलीफ न होने दें। गुनाहों से बचें
10. रमजान का अहतिराम करें।अगर किसी वजह से रोजा नहीं रखा है तो सड़क और बाजारों में खाने-पीने से बचें।
11. मुस्लिम होटल और रेस्टोरेंट दिन में खुल्लम-खुल्ला खाने पीने का सामान न बेचें।
मजलिस बराये उमूर शरई की जानिब से मदरसा अरबिया कुरानिया इटावा के तआवुन से रमजान हेल्प लाइन व्हाट्सएप पर शुरू की गयी है जिस पर मौलाना तारिक शम्सी साहब की निगरानी में मुफ्ती व उलमा हजरात का एक पैनल का बनाया गया है जो रोजा, नमाज, जकात वगैरा सहित दीगर मामलों में मुसलमानों की दीनी रहनुमाई करेगा। इस ग्रुप में जुड़ कर अपने मसाइल में रहनुमाई हासिल कर सकते हैं। व्हटसएप नम्बर- 9412349879 पर अपना नाम भेज कर या क्यू आर कोड से ग्रुप ज्वाइन कर सकते हैं।
