न्यायालय में ज्यादा से ज्यादा हिंदी का प्रयोग हो ऐसे प्रयास जारी रहेंगे – जस्टिस सूर्यकांत

इस्लामियां कालेज में हुआ सारस्वत एवं सम्मान समारोह

(शावेज़ नक़वी)
इटावा। देश में संविधान के प्रावधान लागू होने और न्यायालय में ज्यादा से ज्यादा हिंदी का प्रयोग हो ऐसे प्रयास जारी रहेंगे। हालांकि कानूनन सुप्रीम कोर्ट की भाषा अंग्रेजी है मगर मेरा यह प्रयास है जो व्यक्ति जिस प्रान्त के हो उसको फैसले की कापी उसी भाषा में दी जाए।
उक्त बात मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने आज इस्लामिया कालेज इटावा में आयोजित हिंदी सेवा निधि न्यास के सारस्वत एवं सम्मान समारोह में बोलते हुए कही। उन्होंने कहा कि हमने सुप्रीम कोर्ट में 16 भाषाओं में फैसले देने की शुरुआत कर दी है। उन्होंने कहा कि अदालतों में इतना ज्यादा काम होता है कि साहित्य से दूरियां हो जाती हैं लेकिन हमारी ये कोशिश रहती है कि अगर मौका मिले तो साहित्यिक कार्यक्रम में शिरकत करूं। देश में भाषाओं को लेकर जो संस्थाएं काम कर रहीं है हम सबका दायित्व है कि उन संस्थाओं की मदद करें। उन्होंने कहा कि इटावा संस्कृति की राजधानी के रूप में उभर कर आगे आया है। इटावा सेवा निधि केवल इटावा तक सीमित नहीं रहे जो संकल्प न्यायमूर्ति स्व. प्रेम शंकर गुप्त ने हिंदी के उत्थान के लिए लिया था उसे निधि के माध्यम से देश में एक आंदोलन की पहचान बनाया जाएगा ऐसी हमे उम्मीद है। प्रेम शंकर गुप्त ने हाईकोर्ट में 4 हजार फैसले हिंदी में लिखे इससे बड़ा योगदान और क्या होगा। मुख्य न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट सूर्यकांत ने कहा इस्लामिया कालेज तीन दशक से हिंदी भाषा को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है। पूर्व राष्ट्रपति डा. जाकिर हुसैन, शायर बशीर बद्र और के. आसिफ जैसी देश की नामचीन शख्सियतों ने इसी कालेज में शिक्षा ग्रहण की। मुझे पूरी उम्मीद है कि इस्लामिया कालेज इसी सेवा भाव से हिंदी को समाज को समर्पित करता रहेगा। कार्यक्रम को न्यायमूर्ति इलाहाबाद हाईकोर्ट चन्द्र कुमार राय, न्यायमूर्ति ब्रजराज सिंह, कार्यक्रम अध्यक्ष शायर वसीम बरेलवी, एयर मार्शल अमित तिवारी, कवि सुरेंद्र शर्मा, संजीव कोहली मुंबई आदि ने भी सम्बोधित किया।

देश की नामचीन हस्तियों को किया गया सम्मानित


इटावा। इस्लामिया कालेज में हिन्दी सेवा निधि के 33वें वार्षिक अधिवेशन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के कई वरिष्ठ न्यायाधीश, साहित्यकार और विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने मंच पर दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की।
कार्यक्रम में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के साथ उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति पंकज मित्तल, न्यायमूर्ति सीके राय सिंह ने देश के नामी फिल्म निदेशक, कवि, खिलाड़ी, हिंदी साहित्य, पत्रकार, लेखक, स्वास्थ्य सेवा, वायु सेना क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाले महानुभावों को सम्मानित किया। मंच पर सम्मानित होने वालों में कवि सुरेंद्र शर्मा, डा. पवन अग्रवाल, अनिल तिवारी, संजीव कोहली, डा. शरद अग्रवाल, धर्मलाल प्रसाद, न्यायमूर्ति चन्द्र कुमार राय, डा. सुरेंद्र नीरज, ज्योत्सना सिंह, राम प्रकाश त्रिपाठी, अशोक कुमार, हाकी खिलाड़ी शकील अहमद, हरीश कुमार, शायर रईस इटावी, अनिल मान मिश्रा, सुधीर मिश्र निश्चल, रविन्द्र चौहान, प्रमोद तिवारी हंस प्रमुख हैं। दिल्ली न्यायालय के न्यायाधीश सुधीर अग्रवाल भी इस अधिवेशन में शामिल हुए। वे बाबरी मस्जिद मामले और सरकारी कर्मचारियों के बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने से जुड़े मामलों में दिए गए फैसलों के लिए जाने जाते हैं। इस्लामिया कालेज इटावा में आयोजित हिंदी सेवा निधि न्यास के सारस्वत एवं सम्मान समारोह में जिला जज रजत सिंह जैन, जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल, एसएसपी ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव, प्रबंधक इस्लामिया कालेज मो. अलताफ, प्रधानाचार्य गुफरान अहमद, डा. विद्याकान्त तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष अन्नू गुप्ता, पूर्व सांसद प्रेमदास कठेरिया, पूर्व चेयरमैन फुरकान अहमद सहित तमाम नामचीन हस्तियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन डा. कुश चतुर्वेदी ने किया। अंत मे आयोजक प्रदीप गुप्ता एड. ने अतिथियों सहित उपस्थित लोगों का आभार जताया।

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