कुरवा अली के नूरे नजर हो देवा के महाराज ।
करंट विज़न संवाददाता
हज़रत हाजी हाफिज वारिस अली शाह रहममते अलैह का तीन दिवसीय 61वां उर्स शरीफ मुकाम भरतपुर खुर्द में मिलाद शरीफ के साथ प्रारंभ हुआ था आठ मार्च की रात महफिलें शमां कव्वालों में अकीदतमंद का सदका अता किया अलीगढ़ के फनकार रेडियो सिंगर शमीम अनवर ने बेहतरीन कलाम पढ़ा ।जब करेंगे करम हम पे शाहे उमंग। उनकी चौखट पे हम सर के वल जायेंगे।हाजिरी होगी जब पेशे महबूब रब ।हम नूरानी शाचे में ढल जाएंगे। आमिर इमरान कन्नौज ने कलाम पढ़ा मंसूर निजामी फरुखाबाद ने कलाम पढ़ा ।कुरवा अली के नूरे नजर हो देवा के महाराज । मेरे वारिस रखो जी मेरी लाज लाज । ज़हीर निजामी पार्टी ने कलाम पेश किया आओ वारिसी होली खेलें वारिस पिया के संग।महफिलें शमां में हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल को पेश करते हुए सिद्दीकी शाह की दरगाह पर चादर पेश की गई इस मौके पर भाजपा नेता ज्ञानेंद्र कुमार अवस्थी ग्राम प्रधान प्रतिनिधि आलोक मिश्रा कार्यक्रम के अध्यक्ष महताव वारिस शमशाद वारिस आमिर खान अशफाक खान हिंदू मुस्लिम क़ौमी एकता के सदस्य वंटू सक्सेना अब्दुल वारिस शाहिद वारिसी छंगे खान अहमद अली दीन अली कुरैशी गौरव गुप्ता हिमांशु गुप्ता सचिन गुप्ता आविद कुल मौलवी तूफानी शाह वारिस ने पढ़ा हाजी अंसार अहमद आदि मौजूद रहे।
