इटावा। जसवंतनगर स्थित प्राचीन दरगाह हजरत भोलन शाह पर आयोजित तीन दिवसीय उर्स का समापन मंगलवार सुबह चादरपोशी के साथ हुआ। उर्स के दौरान सूफियाना माहौल में कब्बालियों नेअपनी शानदार प्रस्तुतियों से समां बांध दिया, वहीं बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने मजार पर चादर चढ़ाकर दुआएं मांगीं।उर्स का शुभारंभ जश्न-ए-मीलाद शरीफ के आयोजन से हुआ। इस मौके पर मौलाना कमालुद्दीन अशरफी, पेश इमाम ईदगाह इटावा ने कुरआन की तिलावत से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद कब्बाली की महफिलें सजीं, जिनमें आसपास के जिलों से आई नामी-गिरामी कब्बाली पार्टियों ने सूफी कलाम पेश कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। रातभर चले उर्स में भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जिनमें बुर्कानशीन महिलाएं भी मौजूद रहीं। सभी ने दरगाह पर मत्था टेककर मुल्क में अमनचैन और भाईचारे की दुआ की। मंगलवार सुबह हजरत भोलन शाह की मजार पर गुस्ल शरीफ की रस्म अदा की गई, जिसके बाद कब्बालों द्वारा रंग ए महफ़िल पेश की गई। इसके उपरांत अकीदतमंदों ने चादरपोशी की। उर्स के आयोजन में कमेटी के सदस्यों के साथ मौलाना और हाफिज भी मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।महफ़िल में कलाम पेश करते कब्बाल।
हजरत भोलन शाह का उर्स चादरपोशी के साथ सम्पन्न
