करंट विज़न संवाददाता
इटावा। उत्तर प्रदेश में हाल ही में पूरी हुई शीतकालीन सारस गणना में इटावा वन प्रभाग पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर रहा है। इस बार इटावा में सबसे अधिक सारस पाए गए हैं। वन विभाग का कहना है कि वेटलैंड क्षेत्रों में आम जनता की जागरूकता और संरक्षण के प्रति सहयोग के कारण यहां सारसों के लिए सुरक्षित माहौल बना हुआ है। यही वजह है कि इटावा अब राज्य पक्षी का सबसे बड़ा ठिकाना बनता जा रहा है। डीएफओ विकास नायक ने जानकारी देते हुए बताया कि शीतकालीन गणना के दौरान इटावा वन प्रभाग में 3304 सारस दर्ज किए गए हैं। यह संख्या पूरे उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक है। प्रदेश के 68 वन प्रभागों में हुई गणना में इटावा का शीर्ष पर रहना इस बात का संकेत है कि यहां का प्राकृतिक वातावरण सारसों के लिए सबसे अनुकूल है। डीएफओ विकास नायक के अनुसार इटावा के वेटलैंड एरिया में रहने वाले लोग अब पूरी तरह जागरूक हो चुके हैं। ग्रामीण और स्थानीय लोग सारस को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए खुद सतर्क रहते हैं। तालाबों, नहरों और जलभराव वाले इलाकों में लोग अब किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को देते हैं। उन्होंने बताया कि जनसहयोग के चलते वेटलैंड क्षेत्रों में शिकार या किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियां नहीं हो रही हैं। वन विभाग की निगरानी के साथ स्थानीय लोगों की भागीदारी ने इन इलाकों को पूरी तरह सुरक्षित बना दिया है। इसी कारण सारस यहां निडर होकर रह रहे हैं और उनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। जानकारी देते डीएफओ विकास नायक।
