परिचर्चा को और रोचक बनाने के लिए पुस्तक के लेखक प्रशांत पोल ऑनस्क्रीन जुड़े
करंट विज़न संवाददाता
दिबियापुर, औरैया। जनपद औरैया के दिबियापुर कस्बे में प्रज्ञा प्रवाह की कानपुर प्रांत इकाई ब्रह्मावर्त परिषद द्वारा एक पुस्तक एवं विषय परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रख्यात लेखक और विचारक प्रशांत पोल की चर्चित पुस्तक ‘खजाने की शोधयात्रा’ पर विशेष चर्चा हुई। सत्या राजपूत ने पुस्तक की विस्तृत समीक्षा प्रस्तुत की और इसके सारगर्भित अध्यायों के बारे में बताया। उन्होंने उल्लेख किया कि प्राचीन भारत खगोल विज्ञान, व्यापार, भवननिर्माण और खेल जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट स्थिति में था। परिचर्चा को और रोचक बनाने के लिए पुस्तक के लेखक प्रशांत पोल ऑनस्क्रीन जुड़े। उन्होंने अपनी पुस्तक लिखने की प्रेरणा का खुलासा करते हुए बताया कि सोमनाथ यात्रा के दौरान उन्होंने वाण स्तंभ देखा था। जब उनसे प्राचीन भारत की समृद्धि के बावजूद पराभव का कारण पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उत्कृष्टता को यदि संभाला न जाए तो विकृति आती है, जिसका लाभ आक्रमणकारी उठाते हैं।नगर पंचायत सभागार में आयोजित इस परिचर्चा की शुरुआत प्रज्ञा प्रवाह के प्रांत संयोजक मुनीश त्रिपाठी ने अतिथि का परिचय कराकर की। इस अवसर पर आरएसएस के जिला प्रचारक अनूप जी, संघचालक रणवीर सिंह जी और प्रोफेसर कौशलेन्द्र तिवारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। आचार्य राघवेंद्र शुक्ला, सुबेन्द्र सिंह, कमलेश तिवारी, अरुण दीक्षित, राम जी मिश्रा, मनीष यादव, सत्या राजपूत, संदीप शर्मा, हरिश्चन्द्र, देवेंद्र राजपूत, विनीत त्रिपाठी, रजत दुबे और सुशांत सहित कई गणमान्य विद्वानों ने भी अपने विचार साझा किए। इस दौरान शोध केंद्र को पुस्तकें दान करने के लिए विशाल दुबे को सम्मानित किया गया। प्रांत सह संयोजक डॉ. भूपेंद्र सिंह ने परिचर्चा का सफल संचालन किया, जबकि जिला संयोजक आशीष मिश्रा ने अतिथियों का आभार जताया ।
