एक दर्जन से अधिक भैंसों की मौत
चार साल से नहीं हुआ टीकाकरण
करंट विजन संवाददाता
फफूंद (औरैया) । भाग्यनगर ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत खोयला के मजरा ग्राम चिरैयापुर में पशुओं में मुँह पका, खुरपका और घुड़का बीमारी फैलने से पशु पालको मे हड़कंप मच गया है। बीते तीन से चार दिनों के भीतर गांव में एक दर्जन से अधिक भैंसों एक बछड़े और कई बकरियों की मौत हो चुकी है। अचानक हुई लगातार मौतों से पशुपालकों में दहशत का माहौल है और ग्रामीण भारी आर्थिक नुकसान झेलने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों के अनुसार बीमारी तेजी से फैल रही है लेकिन अब तक गांव में न तो कोई पशु चिकित्सक पहुंचा और न ही टीकाकरण की कोई व्यवस्था की गई। हालात यह हैं कि बीमार पशुओं को देखने वाला तक कोई जिम्मेदार अधिकारी गांव में नहीं आया। ग्रामीण मुकेश कुमार, भागवती , अमर सिंह, मुकेश राजेंद्र बाबू, रघुबीर सिंह, बलबीर सिंह, सारदा देवी, जयबीर पाल आदि ने बताया कि गांव में बीते चार वर्षों से पशुओं का टीकाकरण नहीं हुआ है। इतना ही नहीं चार साल से कोई भी सरकारी पशु डॉक्टर गांव में नहीं आया जिससे बीमारी फैलने पर समय रहते इलाज नहीं हो सका पशुपालकों ने बताया कि मरने वाली कई भैंसों की कीमत 70 हजार रुपये से अधिक थी जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय पशुपालकों की कमर टूट गई है। ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग की लापरवाही को इस भयावह स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया है। ग्रामीणों ने बताया कि उमेश की दो भैंस तथा मुकेश, रघुबीर, संजय, सरवेश, राजेंद्र, भूरे , निकसन, गजेंद्र, रमेश, बलवंत, अमर सिंह, राहुल, गजेंद्र की एक एक भैंस की मौत हो चुकी है। इसके अलावा प्रमोद का एक बछड़ा भी बीमारी की चपेट में आकर मर गया है। ग्रामीणों का कहना है कि अभी भी कई पशु बीमार हैं और समय रहते इलाज न हुआ तो पशुओं के मरने की संख्या और बढ़ सकती है । मरने वाले पशुओं को ग्रामीणों ने गाँव के बाहर गड्डा खोदकर दबा दिया है वहीं कुछ ग्रामीणों ने नदी किनारे पशुओं को गड्डा खोदकर दबा दिया है । ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में तत्काल पशु चिकित्सक की टीम भेजी जाए बीमार पशुओं का इलाज कराया जाए और मृत पशुओं के नुकसान का मुआवजा दिया जाए ताकि पशुपालकों को कुछ राहत मिल सके। भाग्यनगर पशु अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर बी बी यादव ने बताया कि पशुओं के कीकरण के लिए टीमे गाँव मे भेजी जाती है । टीकाकरण शुरू हो चुका है जल्द ही टीम गाँव मे भेजी जायेगी l
