ADJ फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय ने आरोपियों को किया दोष मुक्त
हर मृत्यु दहेज हत्या नहीं होती है: सरोज दीक्षित
करंट विज़न संवाददाता
माती कानपुर देहात मंगलपुर थाने में वर्ष 2020 में दर्ज दहेज हत्या के मुकदमे में एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीयमें चल रही सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की सीनियर अधिवक्ता श्रीमती सरोज दीक्षित ने पुलिस विवेचना की धज्जियां उड़ा दी। पुलिस के साथ बचाव पक्ष की दलीलों के सामने टिक नहीं पाईं
जबकि आरोपित द्वारा ससुराली जनों को दी गई हार्ट अटैक की सूचना की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई। इस पर अदालत ने दहेज हत्या के आरोपियों को साक्ष के अभाव में दोष मुक्त कर दिया।
मंगलपुर थाना क्षेत्र के शंकरगंज झींझक में रहने वाले गौरव पाल पुत्र राम सिंह की शादी 30, 4, 2015 को हुई शादी के बाद उसने एक पुत्र को जन्म दिया था। दिनांक 30, 10, 2020 की रात में दिव्या की सीने में दर्द से हालत बिगड़ने पर गौरव पाल ससुराली जनों को सूचना देने के बाद उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल माती लाए थे। जो उसको मृत घोषित कर दिया था। मामले में दिव्या के पिता उमाशंकर पाल ने मंगलपुर थाने में दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस ने गौरव पाल को गिरफ्तार कर चालान करने के साथ ही उसके खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया था। इस मुकदमे की सुनवाई मौजूदा समय में एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय में चल रही थी। बचाव पक्ष की सीनियर अधिवक्ता श्रीमती सरोज दीक्षित ने बताया मामले में आरोपित गौरव द्वारा ससुराली जनों को दी गई हार्ट अटैक की सूचना देने की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई थी पोस्टमार्टम में डॉक्टरों ने महिला की मौत की वजह हृदय गति रुकना हार्ट अटैक होना बताया गया। अभियोजन पक्ष के साक्ष बचाव पक्ष के तर्कों के आगे टिक नहीं पाए। मामले में अदालत ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट वादी व गवाहों के बयान, पुलिस विवेचना के अनुशीलन करने अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद आरोपित गौरव पाल को दोष मुक्त कर दिया इसके साथ ही उसको ₹20000 की व्यक्तिगत बंद पत्र दाखिल करने का आदेश दिया है।
