ग्राम सभा चिरौरा के विकास पर बड़ा सवाल, फैक्ट्री के गंदे पानी से ग्रामीणों की सेहत खतरे में

कानपुर देहात | ग्राम सभा चिरौरा में विकास के दावों के बीच गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। गांव में मुर्गी फार्म के पास स्थित एक खेत, जो धनंजुआ (पहाड़पुर) के ग्राम प्रधान का बताया जा रहा है, वहां से एक GPL फैक्ट्री का अत्यंत गंदा और दुर्गंधयुक्त पानी निकाला जा रहा है।यह गंदा पानी सीधे गांव की आबादी वाले क्षेत्र में छोड़ा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी इतना जहरीला और बदबूदार है कि यदि कोई व्यक्ति 20 मीटर की दूरी पर भी खड़ा हो जाए, तो उसके गंभीर बीमारी से पीड़ित होने की आशंका बनी रहती है।
वीओ – ग्रामीण ग्रामीणों का आरोप है कि बिना ग्राम प्रधान की अनुमति के इस तरह का गंदा पानी गांव में आ ही नहीं सकता। आरोप है कि पूरे मामले में ग्राम प्रधान की भूमिका संदिग्ध है।ग्रामीणों ने यह भी बताया कि बंबा किनारे ब्रिज पर जानबूझकर ब्रेकर बनवाए गए हैं, ताकि भारी ट्रक गांव के अंदर न जा सकें और फैक्ट्री का गंदा पानी आसानी से गांव की ओर मोड़ा जा सके।
इस गंदगी से खेत, जलस्रोत और पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है, वहीं गांव के बच्चों, बुजुर्गों और पशुओं की सेहत पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या यही है ग्राम सभा चिरौरा का विकास?
या फिर ग्रामीणों की सेहत से हो रहा है खुला खिलवाड़।

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