कृषि विकास पर जागरूकता कार्यक्रम हुआ आयोजित

इटावा। अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के उपलक्ष्य में ब्लॉक चकरनगर में सहकारी समितियों के माध्यम से दालें, तिलहन, फल सब्ज़ी बीज उत्पादन एवं कृषि निर्यात विषय पर एक जागरूकता एवं प्रचार कार्यक्रम का आयोजन नाबार्ड द्वारा किया गया।
इस अवसर पर जिला विकास प्रबंधक ने कहा कि सहकारिता ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों की आय बढ़ाने, गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन, मूल्य संवर्धन तथा कृषि निर्यात को बढ़ावा देने में सहकारी समितियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं में सहकारी संस्थाओं की सहभागिता से किसानों को बेहतर बीज, समय पर ऋण, एमएसपी पर विपणन तथा भंडारण सुविधाए उपलब्ध कराई जा सकती हैं। उनहोंने सहकारी समितियों के डिजिटलीकरण, क्षमता निर्माण, वित्तीय समावेशन तथा कृषि आधारित उद्यमों को प्रोत्साहन देने हेतु सरकार व नाबार्ड की पहलों की जानकारी दी गई। वहीं शाखा प्रबंधक ने सहकारी बैंकों एवं पीएसीएस के माध्यम से ऋण प्रवाह बढ़ाने पर बल दिया। वित्तीय साक्षरता परामर्शदाता ने किसानों को वित्तीय जागरूकता, बचत एवं डिजिटल लेन-देन के विषय में मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम के अंत में किसानों से आह्वान किया गया कि वे सहकारी समितियों के माध्यम से संगठित होकर उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाए और सहकार से समृद्धि के लक्ष्य को साकार करें।कार्यक्रम में अरुण कुमार जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड इटावा, आर के कनोजिया वित्तीय साक्षरता परामर्शदाता तथा जिला सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक सहित सहकारी समितियों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में बोलते मुख्य अतिथि व उपस्थित किसान।

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