करंट विज़न संवाददाता
याकूबपुर। जिसका मुख्य उद्देश्य जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर हिंदू समाज को एकजुट करना था। यह आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष (2025-26) के उपलक्ष्य में देश भर में आयोजित किए जा रहे 1 लाख से अधिक सम्मेलनों का हिस्सा है।सम्मेलन में प्रांतीय बौद्धिक प्रमुख श्रीमान रमेश जी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। औरैया जिला प्रचारक अनूप जी ने भी इसमें भाग लिया। इन आयोजनों का लक्ष्य सनातनी पहचान पर गर्व जगाना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है।इन सम्मेलनों के माध्यम से हिंदू समाज को एक सूत्र में बांधने, अपनी संस्कृति व धर्म से जोड़ने और जाति-पाति के भेदभाव को मिटाकर सभी वर्गों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। इसमें सभी वर्गों को एक साथ भोजन (पंगत) और चर्चा के लिए प्रेरित किया जाता है।आरएसएस के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर, ये सम्मेलन सनातन धर्म और संस्कृति के संरक्षण पर भी केंद्रित हैं। इनका उद्देश्य युवा पीढ़ी को अपनी परंपराओं से अवगत कराना और व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामाजिक, पर्यावरणीय तथा राष्ट्रीय सुधार (पंच परिवर्तन) पर ध्यान केंद्रित करना है।सम्मेलन में मातृशक्ति की भी बड़ी संख्या में भागीदारी देखी गई, जिसने कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाया। इन आयोजनों के माध्यम से समाज को, विशेषकर युवाओं को, अपनी संस्कृति और देश के प्रति गौरव और समर्पण की भावना से जोड़ा जा रहा है।कार्यक्रम में रणवीर यादव (जिला संघचालक), हरवंश जी (जिला कार्यवाह), आशीष (जिला शारीरिक प्रमुख एवं कार्यक्रम संचालक), कुलदीप दीक्षित जी (जिला कुटुंब प्रबोधन प्रमुख), भानु प्रताप जी( सह खंड संधचालक) और सतीशचंद्र कठेरिया (कार्यक्रम अध्यक्ष) शैलेश जी (मंडल प्रमुख – पिपरौली शिव)सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
