करंट विज़न संवाददाता
इमरान खान
आलोक दीक्षित ने विद्यार्थियों से डॉ. कलाम के आदर्शों को अपनाने का किया आह्वान, वक्ताओं ने शिक्षा, मेहनत और राष्ट्रसेवा पर दिया जोर
इटावा, 15 अक्टूबर। भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की 95वीं जयंती के अवसर पर मदरसा अरबिया कुरानिया, इटावा में भाषण एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मदरसे के प्रधानाचार्य मौलाना तारिक शम्सी ने की, जबकि उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष आलोक दीक्षित मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने डॉ. कलाम के जीवन, संघर्ष, वैज्ञानिक उपलब्धियों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत किए। मुख्य अतिथि आलोक दीक्षित ने कहा कि डॉ. कलाम का जीवन विद्यार्थियों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने अपनी प्रतिभा, कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से देश को विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा, अनुशासन और ईमानदारी को जीवन में अपनाकर राष्ट्र की उन्नति में योगदान देने का आह्वान किया।
प्रधानाचार्य मौलाना तारिक शम्सी ने कहा कि डॉ. कलाम का जीवन सिखाता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, निरंतर मेहनत और शिक्षा के बल पर किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उप प्रधानाचार्य मौलाना सैयद मोहम्मद साद कासमी ने उनकी सादगी, विनम्रता और सेवाभाव को विद्यार्थियों के लिए अनुकरणीय बताया।
मौलाना मोहम्मद यहया नदवी ने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी। वहीं, मौलाना अब्दुल रहीम कासमी ने वैज्ञानिक सोच विकसित करने, नई चीजें सीखने और ज्ञान का उपयोग समाज एवं मानवता की भलाई के लिए करने पर जोर दिया।
भाषण एवं निबंध प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और डॉ. कलाम के जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को प्रस्तुत किया। वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति कौशल, रचनात्मकता और राष्ट्रीय चेतना का विकास करते हैं।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों से डॉ. कलाम के आदर्शों को अपनाने, शिक्षा के प्रति समर्पित रहने तथा अपने ज्ञान और प्रतिभा से समाज एवं राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने की अपील की गई।

