राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय कांधनी में हुआ आयुर्वेदिक सेमीनार
करंट विज़न संवाददाता
इटावा। राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय कांधनी में राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस (धनवंतरी जयंती) के पूर्व संध्या पर राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सा विभाग द्वारा एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया।जिसका विषय स्वथ्य भविष्य के लिए आयुर्वेद था। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान धनवंतरी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन व अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। जिला अस्पताल इटावा से आए डा. ललित द्विवेदी नेे कहा आयुर्वेद केवल एक चिकित्सा पद्धति नहीं बल्कि एक संपूर्ण जीवनशैली है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जब गैर-संचारी और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां बढ़ रही हैं, तब आयुर्वेद के स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणं, आतुरस्य विकार प्रशमनं का सिद्धांत सबसे सटीक समाधान प्रस्तुत करता है। डा. कमल कुमार कुशवाह ने आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधानों के साथ आयुर्वेद के समन्वय पर प्रकाश डाला और कहा कि वैश्विक स्तर पर आज भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धति की स्वीकार्यता तेजी से बढ़ रही है। डा. नंन्दनी गुप्ता ने क्रोनिक बीमारियों के रोकथाम में पंचकर्म और योग-आयुर्वेद के एकीकृत दृष्टिकोण पर चर्चा की। डा. सर्वेश कुमार क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी ने आहार-विहार, दिनचर्या, मौसमी बदलावों के अनुरूप स्वास्थ्य रक्षा तथा जड़ी बूटियों के दैनिक उपयोग पर चर्चा की। संस्था के प्रधानाचार्य डाॅ. निर्मल चन्द्र वाजपेयी ने कहाआयुर्वेद चिकित्सा पद्धेित पूर्ण रूप से सुरक्षित व हमारे आस-पास उपलब्ध वनस्पतियों पर आधारित है। जिसका स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है। अच्छा स्वास्थ्य जीवन का आधार है, हम सबको स्वास्थ्य के प्रति पूर्ण रूप से सजग रहना होगा क्योंकि बीमारी से बचाव ही सर्वाेत्तम इलाज है, जो आयुर्वेद से संभव है। अंत में संवासी छात्रों व शिक्षकों को निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श व नाड़ी परिक्षण सिविर व औशौधियों का वितरण किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रतिपाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर राम कृपााल, अभिषेक भास्कर,, शिखा, पुष्पराज, राकेश, अर्चना,, मेघा, संगीता, आरती, सुधा, नीलम, पूजा, आदित्य गौरव, शुभम व, सचिन, सलमान, सर्वेश, आशीष आदि उपस्थित रहे। सेमिनार उपस्थित आयुर्वेदिक अधिकारी।
