करंट विजन संवाददाता
इमरान खान
कानपुर, उत्तर प्रदेश — शहर में सामने आए अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट की जांच में लगातार नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। प्रारंभिक जांच में जहां यह मामला केवल आहूजा अस्पताल तक सीमित माना जा रहा था, वहीं अब पुलिस को पता चला है कि इस गैरकानूनी गतिविधि को शहर के एक अन्य अस्पताल में भी अंजाम दिया जा रहा था।
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए ओटी टेक्नीशियनों ने पूछताछ के दौरान महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वे कई बार ऐसे अवैध ट्रांसप्लांट में शामिल हो चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें रात के समय आंखों पर पट्टी बांधकर अस्पताल ले जाया जाता था, जिससे उन्हें अस्पताल की पहचान न हो सके। ऑपरेशन पूरा होते ही उन्हें तुरंत वहां से वापस भेज दिया जाता था, ताकि उनकी पहचान गोपनीय बनी रहे।
हालांकि आरोपियों ने यह जानकारी दी कि संबंधित अस्पताल रेलवे लाइन के आसपास स्थित है। इस सुराग के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को साथ लेकर शहर के विभिन्न अस्पतालों में रातभर पहचान के लिए जांच अभियान चलाया।
जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे रैकेट का संचालन ‘रोहित’ नामक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था। वह हर ऑपरेशन के लिए अलग-अलग सिम कार्ड का उपयोग करता था और बाद में उन्हें नष्ट कर देता था, ताकि किसी भी प्रकार का सबूत न बच सके।
पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और जल्द ही इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों और स्थानों का खुलासा होने की संभावना है।
