करंट विजन संवाददाता इमरान खान
जसवंतनगर/इटावा। ब्लॉक सभागार में आयोजित विधिक जागरूकता अभियान में बाल विवाह उन्मूलन को प्रमुखता देते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव आरती द्विवेदी ने महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि आजीविका का अधिकार प्रत्येक महिला का मौलिक अधिकार है, जिसके माध्यम से वे सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकती हैं। सरकार द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत अनुदान भी दिया जा रहा है, जिसका लाभ उठाकर महिलाएं सशक्त बन सकती हैं।
उन्होंने महिलाओं से समाज में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि जब महिलाएं आगे बढ़ेंगी तभी “विकसित भारत” का सपना साकार होगा। उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को उनके मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। इसके लिए कॉलेज, स्कूल, सरकारी कार्यालयों के साथ-साथ ग्राम स्तर पर भी पॉश कमेटियों का गठन किया जाएगा, जहां महिलाएं अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगी और उनकी निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
श्रीमती द्विवेदी ने विशेष रूप से बाल विवाह और बाल श्रम जैसी कुरीतियों को जड़ से समाप्त करने पर जोर देते हुए कहा कि यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि कहीं ऐसी घटनाएं सामने आएं तो तुरंत टोल फ्री नंबर 15100 पर शिकायत दर्ज कराएं, शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की “आशा” योजना—अवेयरनेस (जागरूकता), सपोर्ट (सहयोग), हेल्प (मदद) और एक्शन (कार्रवाई) के अंतर्गत बाल विवाह उन्मूलन के लिए मानक कार्यप्रणाली पर भी विस्तार से जानकारी दी।
तहसीलदार नेहा सचान ने कहा कि बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखकर शिक्षा पर ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का शिक्षित होना बेहद जरूरी है, क्योंकि मां ही बच्चे की पहली गुरु होती है। वहीं ‘माय भारत’ की उपनिदेशक सोनिका चंद्रा ने बेटियों की शिक्षा पर जोर देते हुए कम उम्र में विवाह को गलत परंपरा बताते हुए इसे समाप्त करने की अपील की।
कार्यक्रम से पूर्व श्रीमती द्विवेदी ने तहसील का निरीक्षण भी किया। इस दौरान बीडीओ मनोज कुमार, स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉ. वीरेंद्र सिंह, अधिकार मित्र कुमारी नीरज, ऋषभ पाठक, रामसुंदर दुबे, लालमन बाथम, राजेंद्र सिंह सहित आंगनवाड़ी कार्यकत्री, एएनएम और आशा बहुएं मौजूद रहीं।
बाल विवाह उन्मूलन पर जोर, विधिक जागरूकता अभियान में महिलाओं को किया गया जागरूक (प्रेम कुमार शाक्य)
