करंट विज़न संवाददाता
कानपुर देहात में प्रतिबंधित औषधीय पेड़ नीम की अवैध कटान लगातार जारी है। ताजा मामला रसूलाबाद वन क्षेत्र के गजान गांव का है, जहां पर लगभग आधा दर्जन से अधिक हरे नीम के पेड़ काट दिए गए। हाल ही में माती मुख्यालय के दौरे पर पहुंचे प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने वन विभाग की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताई थी। उन्होंने डीएफओ को दो टूक शब्दों में कहा था कि “अपनी सेहत के साथ-साथ पेड़ों की सेहत का भी ख्याल रखें।” मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा वृक्षारोपण के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में लगाए गए पेड़ कहीं नजर नहीं आ रहे। इसके बावजूद क्षेत्र में नीम जैसे औषधीय और पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण पेड़ों की कटान रुकने का नाम नहीं ले रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन विभाग की लापरवाही के चलते अवैध कटान करने वालों के हौसले बुलंद हैं। अब बड़ा सवाल— आखिर कब रुकेगी नीम के पेड़ों की अवैध कटान? क्या वन विभाग करेगा सख्त कार्रवाई? फिलहाल, मामला प्रशासन के संज्ञान में है, लेकिन कार्रवाई का अभी इंतजार है।
