ईद मिलन से मिलता है भाईचारा. मंदिर की आस्था हो या मस्जिद की इबादत.होता है सबका रास्ता एक. संतोष त्रिपाठी

 प्यार मोहब्बत के आगे नफरत की दुकाने आज नहीं तो कल होगी बंद

करंट विज़न संचाददाता

कानपुर देहात मार्च माह ईद मुबारक हो मुबारक वाद की यह खुशियां यह अपना सदैव ऐसा ही बना रहे. यह त्यौहार दिलों को जोड़ता है जब गले मिलते हैं तो सिर्फ इंसान नहीं मिलते बल्कि दिल संस्कार और स्नेह की परंपराएं भी मिलती हैं हमारे देश की खूबसूरती यही है कि यहां सब धर्म हर समाज हर परंपरा एक दूसरे का सम्मान करते हैं मंदिर की आस्था हो या मस्जिद की इबादत सबका रास्ता एक है यह बात ईद मिलन पर ब्राह्मण महासभा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष समाजसेवी एवं समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता संतोष त्रिपाठी ने कही है। हमारे झींझक संवाददाता के अनुसार कई जिलों के जनप्रिय समाजसेवी संतोष त्रिपाठी ने कहा है कि ईद का पर्व ऐसा पर्व है कि गले मिलते ही पिछले गिले व शिकवे समाप्त हो जाते हैं आज इंसानियत और मोहब्बत की जरूरत है कि हम नफरत की बातों से ऊपर उठकर एक दूसरे का हाथ थामे और मिलकर एक मजबूत समाज बनाएं क्योंकि असली ताकत किसी एक में नहीं होती हम सबके साथ इंसानियत के साथ हैं हमारा हिंदुस्तान सभी जाति वर्ग धर्म से चलता आया है और चलता रहेगा नफरत की दुकान खुद पर खुद बंद हो जाएगी. कस्बा झींझक रसूलाबाद मंगलपुर संदलपुर सिकंदरा आदि क्षेत्रों में संतोष त्रिपाठी ईद के त्योहार पर गले मिले और खुशियों का इजहार किया। इस मौके पर संतोष त्रिपाठी मौलवी साहब युसूफ रजा के गले मिले तथा सूबाखां अनिवार खाँ नंदू खाँचंदन शुक्ला ऋतिक त्रिपाठी दीपक मिश्रा किशन कन्हैया मंजुल जमील खान ट्रेलर शमसुद्दीन खाँ ग्रीन ट्रेलर आदि लोग गले मिले और खुशियों का इजहार किया ।

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