करंट विजन संवाददाता
इमरान खान
पिछले कुछ दिनों से शहर के विभिन्न इलाकों में रसोई गैस (LPG/Piped Gas) की सप्लाई में भारी कमी और लो-प्रेशर के कारण नागरिकों को भीषण समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से खाना बनाने के समय (सुबह और शाम) गैस की सप्लाई पूरी तरह ठप होने से घरों के चूल्हे ठंडे पड़ गए हैं।
*वर्तमान स्थिति के मुख्य बिंदु:
*घरेलू संकट:* गैस न होने के कारण कामकाजी लोगों और स्कूली बच्चों को बिना नाश्ते के घर से निकलना पड़ रहा है।
*महंगाई की मार:** गैस की कमी का फायदा उठाते हुए कुछ क्षेत्रों में सिलेंडर की कालाबाजारी की खबरें भी सामने आ रही हैं। होटलों और तंदूरों पर निर्भर रहने वाले दिहाड़ी मजदूरों के लिए बाहर का खाना खरीदना अब जेब पर भारी पड़ रहा है।*विकल्पों की कमी:* बिजली के चूल्हों (Induction) और हीटरों के अत्यधिक प्रयोग से बिजली के बिलों में बढ़ोतरी का डर सता रहा है, जबकि लकड़ी और कोयले के दाम भी आसमान छू रहे हैं।
> “गैस जैसी बुनियादी सुविधा की कमी ने आम आदमी का बजट और मानसिक शांति दोनों बिगाड़ दी है। यदि जल्द ही आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो नागरिक सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।” —
