राहुल गांधी ने नेता प्रतिपक्ष पद की गरिमा को समाप्त कर दिया- शिवराज सिंह
- सदन नियमों से चलेगा, शोर और हंगामे से नहीं- शिवराज सिंह
- संसद कोई ईंट-गारे का भवन नहीं, लोकतंत्र का पवित्र मंदिर है-शिवराज सिंह चौहान
नई दिल्ली, 13 मार्च 2026, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संसद में विपक्ष के रवैये पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि सदन नियमों और प्रक्रियाओं से चलता है, मनमानी से नहीं। उन्होंने कहा कि हजार बार समझाने की कोशिश की है, लेकिन उनकी समझ हर बार छुट्टी पर चली जाती है। लोकतंत्र में बोलने और असहमति का अधिकार है, लेकिन वह नियमों और प्रक्रियाओं के भीतर होना चाहिए। नोटिस किसी विषय पर देते हैं और बोलने किसी और विषय पर लग जाते हैं। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान मीडिया से चर्चा में ने कहा कि संसद कोई ईंट-गारे का साधारण भवन नहीं, बल्कि लोकतंत्र का पवित्र मंदिर है, जहां देश की प्रगति, विकास और जनता के कल्याण के लिए गंभीर बहस होती है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि संसद की एक नियमावली है, लेकिन ऐसा लगता है कि कुछ लोग या तो उसे पढ़ते नहीं या समझना ही नहीं चाहते। हर बार नियमों के खिलाफ बोलते हैं और जब अध्यक्ष टोकते हैं तो हंगामा करते हैं। मैंने छह बार विधानसभा और छह बार लोकसभा में सदस्य के रूप में काम किया है, लेकिन ऐसा तमाशा कभी नहीं देखा उन्होंने कहा कि इस तरह के व्यवहार से राहुल गांधी ने नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा को भी समाप्त कर दिया है। शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी को सलाह देते हुए कहा कि संसद बहस के लिए है और बहस जन कल्याण के लिए होती है। अगर देश और समाज की चिंता है तो कभी तो गंभीर हो जाइए, अध्ययन करके विषय पर बोलिए। तभी देश मानेगा कि आप नेता हैं, अभी तो आप नेता लगते ही नहीं हैं।
