कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा समाज में मानवाधिकारों के प्रति समझ विकसित करना रहा
करंट विज़न संवाददाता
दिबियापुर।विवेकानंद ग्रामोद्योग महाविद्यालय, दिबियापुर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा ग्राम पुरवा जोरन में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के तृतीय दिवस के प्रथम सत्र में स्वयंसेविका अंजलि पाल द्वारा द्वितीय दिवस की प्रगति आख्या प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम पूर्वा जोरन में पर्यावरण संरक्षण विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्वयंसेवकों द्वारा गाँव में जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के महत्व को रेखांकित किया गया। रैली के दौरान स्वयंसेवकों ने “पर्यावरण का रखो ध्यान, पूर्वा जोरन बने महान”, “प्लास्टिक छोड़ो, प्रकृति से नाता जोड़ो”, “धरती माँ की यही पुकार, स्वच्छ रखो यह सुंदर संसार” तथा “न गंदगी फैलाएँगे, स्वच्छ भारत बनाएँगे” जैसे प्रेरक नारों के माध्यम से ग्रामीणों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया। शिविर के द्वितीय सत्र में “मानवाधिकार : दिशा एवं दशा” विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में डॉ० यश कुमार उपस्थित रहे। अपने व्याख्यान में उन्होंने मानवाधिकारों के महत्व, उनके संरक्षण की आवश्यकता तथा समाज में समानता, न्याय और मानवीय गरिमा को बनाए रखने में मानवाधिकारों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक रहना चाहिए, तभी समाज में न्यायपूर्ण और संतुलित सामाजिक व्यवस्था स्थापित हो सकती है। इस अवसर पर डॉ० यश कुमार, डॉ० विनोद कुमार, कार्यक्रम अधिकारी डॉ० हिमांशु तथा स्वयंसेवक सृष्टि, अंजलि पाल, तान्या, तमन्ना, उज्जवल, अंजलि, लवली, श्रद्धा, रिया यादव, हिमांशु, सूरज आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा समाज में मानवाधिकारों के प्रति समझ विकसित करना रहा।
