ज़कात निकालने से माल महफूज़ रहता है : सैय्यद मज़हर चिश्ती

माहे रमजान के तीसरा जुमा की नमाज अदा कर मांगी दुआएं

करंट विज़न संवाददाता

फफूंद (औरैया) । मुकद्दस माह रमजान के तीसरे जुमा की नमाज में नगर की मस्जिदें नमाज़ियों और रोज़ेदारों से भरी दिखाई दी। आम जुमों की अपेक्षा रमज़ान में पड़ने वाले जुमा में मस्जिदों में अधिक भीड़ नज़र आई।नौजवानों,बुजुर्गों से लेकर बच्चों ने भी मस्जिदों में अकीदत के साथ जुमा की नमाज अदा की। नगर की जामा मस्जिद दरगाह पीर बुखारी शाह और जामा मस्जिद अस्ताना आलिया समदिया में उल्माए किराम ने रोजा,जकात, तरावीह के बारे में बताते हुए कहा कि रमज़ान माह में अपने माल की जकात जरूर निकालें । शुक्रवार को माहे रमज़ान के तीसरे जुमा की नमाज़ से पहले जामा मस्जिद आस्तना आलिया समदिया मिसबाहिया में मौलाना सैय्यद मज़हर मियां चिश्ती ने की तक़रीर में इस महीने में ज़्यादा से ज़्यादा सदक़ा करने और रमज़ान का एहतिराम कर ज़्यादा से ज़्यादा नेकियां कमाने की हिदायत देते हुए रोजा और जकात पर तफसील से जानकारी दी और ज़कात को लेकर लोगों में फैली भ्रांतियों को भी दूर किया।उन्होंने कहा कि जिसे भी अल्लाह ने माल व दौलत से नवाजा है वह लोग जकात निकालने से ना तो परहेज करे ना बेइमानी करें । ज़कात निकालने से माल महफूज़ रहता है और कहा कि रमज़ान के तीसरे अशरे की ताक़ रातों में लैलतुल क़द्र को तलाश करो क्योंकि इस रात इबादत करने से अल्लाह एक हज़ार महीनों की इबादत का सवाब अता करता है।दरगाह बुखारी मस्जिद में हाफिज रिजवान चिश्ती ने बयान फरमाते हुए कहा कि जकात निकालने से आपका माल पाक हो जाता है।जब आप जकात निकालते हैं तो आप के माल का रखवाला अल्लाह हो जाता है।पीर बुखारी शाह मस्जिद में जुमा की नमाज़ हाफिज सैयद अब्दुल्लाह मियां चिश्ती ने और जामा आस्ताना आलिया में पेश इमाम कारी अय्यूब चिश्ती ने नमाज़ अदा कराई। नमाज के बाद मस्जिदों में की गई दुआ में मुल्क में खुशहाली और अमन चैन की दुआएं की गई।

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