सैयद अली ख़ामेनेई जुल्म के आगे कभी नहीं झुके – मौलाना जैदी

सुप्रीम लीडर अली ख़ामेनेई की शहादत पर हुई शोक सभा

करंट विज़न संवाददाता

इटावा। ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला सैयद अली ख़ामेनेई की शाहादत से शिया समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है। घटिया अज़मत अली स्थित मस्जिद पंजतनी में शोक सभा का आयोजन किया गया। शोक सभा में मौलाना अनवारुल हसन जैदी इमामे जुमा इटावा ने कहा कि सुप्रीम लीडर आयतुल्ला सैयद अली ख़ामेनेई का मुसलमान ही नही सर्व समाज के लोग सम्मान करते थे। वह जीवन भर हक के रास्ते पर चले और जालिम का हमेशा विरोध किया। अमेरिका और इज़राइल के हमले में वह शहीद हो गए। साथ ही उनके परिवार के लोग और कुछ खास कमांडर भी शहीद हुए हैं। यह घटना तब हुई जब अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर वार्ता चल रही थी। उन्हें धोखे से शहीद किया गया। श्री जैदी ने कहा कि आयतुल्ला सैयद अली ख़ामेनेई ने 1989 से 28 फरवरी 2026 तक ईरान की रहबरी की। वह जुल्म के आगे कभी नहीं झुके और शहादत को स्वीकार कर लिया। उन्हें रमज़ान में रोजे की हालत में शहीद किया गया। शोक सभा में राहत अक़ील, अली मेहदी, सलीम रज़ा, तहसीन रज़ा, हसन अब्बास, तनवीर हसन, इबाद रिज़वी, अख्तर अब्बास रिज़वी, जहीर अब्बास रिज़वी, अयाज हुसैन, शावेज़ नक़वी, सफीर हैदर, मो. अब्बास, मुशीर हैदर, आतिफ एड., शौजब रिजवी, सोनू नक़वी, शादाब हसन, अदनान जाफरी, फ़ातिक, समर, राहिल सहित बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोगों ने उपस्थित होकर ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला सैयद अली ख़ामेनेई की शाहादत पर दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धाजंलि अर्पित की। मस्जिद पंजतनी में शोक सभा मे मौजूद शिया समुदाय के लोग।

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