करंट विजन संवाददाता
इमरान खान
होली का त्योहार नज़दीक आते ही इटावा शहर के बाजारों में रंग-गुलाल और पिचकारी की दुकानों की सजावट शुरू हो गई है। बच्चों से लेकर युवाओं तक में त्योहार को लेकर खास उत्साह दिखाई दे रहा है और बाजारों में खरीदारी धीरे-धीरे बढ़ने लगी है।
शहर के मुख्य बाजारों और कस्बों में अस्थायी स्टॉल लग गए हैं।
दुकानों पर रंगीन पिचकारी, पानी की गन, टैंक वाली पिचकारी और कार्टून-थीम मॉडल सजाए गए हैं।
छोटे बच्चों के लिए सस्ती प्लास्टिक पिचकारी से लेकर बड़ी हाई-प्रेशर पिचकारी तक उपलब्ध हैं।
होली का त्योहार रंगों और खुशियों का प्रतीक माना जाता है, और गुलरियाँ (कई क्षेत्रों में गुलाल या रंग की छोटी पुड़िया/गेंद) इस पर्व की सबसे खास पहचान होती हैं। इनके बिना होली अधूरी मानी जाती है।
दुकानदारों का कहना है कि होली से 3-4 दिन पहले सबसे ज्यादा भीड़ रहती है।
