ज्ञान स्थली के प्रधानाचार्य 21 फरवरी को दिल्ली होंगे रवाना

*करंट विजन संवाददाता* इमरान खान

ज्ञान स्थली एकेडमी, कटरा शमशेर खों के प्रधानाचार्य डा० प्रमोद कुमार 21 फरवरी को दिल्ली में अमृत कुभ सम्मान प्राप्त करने के लिए रवाना होगें। यह अन्तरराष्ट्रीय हिन्दी ओलंपियाड फाउण्डेशन द्वारा आयोजित आमतौर पर शिक्षाविदों, शिक्षको द्वारा लिखी गई उनकी श्रेष्ठ लेखन के लिए प्रदान किया जाता है। विदित हो ज्ञान स्थली के प्रधानाचार्य डा० प्रमोद कुमार के द्वारा लिखित नाटक कुदरत का विद्रोह’ जो पर्यावरण पर आधारित था जिसे उन्होंने नेपाल में आए भूकंप और साथ ही भारत मे महसूस किए गए उसके झटको के ऊपर लिखा गया था। इसी नाटक को हिन्दी ओलंपियाड की निर्णायक समिति ने इसे उच्च स्तर का मानते हुए प्रमुख 77 रचनाओं में से 13 वां स्थान प्रदान किया। जिसमे देश विदेश के हजारो कॉलेजो के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षको की लाखो कृतियाँ शामिल हुई जिसमे ज्ञान स्थली के प्रधानाचार्य के नाटक को श्रेष्ठ कृति माना गया है।

इस पुरस्कार पर अपने विचार व्यक्त करते हुए उन्होने बताया कि यह सम्मान दिनांक 22 फरवरी दिन रविवार को दिल्ली स्थित सी० डी० देशमुख ऑडिटोरियम इंडिया इण्टर नेशनल में प्रातः 9:30 श्री कविन्द्र गुप्ता (महामहिम उपराज्यपाल लद्दाख) एवं डा० विजय कुमार सारस्वत जी (माननीय सदस्य, नीति आयोग) मुख्य अतिथि के कर कमलो के माध्यम से यह सम्मान प्राप्त करेगें। उन्होंने आगे कहा कि यह सम्मान मेरे लेखकीय जीवन का श्रेष्ठतम सम्मान है। यह सम्मान मैं अपने माता पिता सभी शिक्षाविदो, शिक्षको एवं अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को समर्पित करता हूँ तथा सभी जन इसको पढ़े और पढ़कर के उसका लाभ उठाएं क्योंकि हमारे जीवन मे पर्यावरण का महत्तपूर्ण स्थान है। प्रकृति के पाँच तत्वों को हम पर्यावरण की संज्ञा देते हैं अगर यह पर्यावरण इसी तरह से प्रदूषित होता रहेगा तथा विकास के नाम पर पेड़ पौधे यू ही कटते रहेंगे तो समूची धरती से मानव जीवन समाप्त होने के कगार पर पहुँच जाएगा। इसलिए पर्यावरण रूपी रत्न को संभाल कर हमे रखना चाहिए साथ ही में जनपद के सभी प्रधानाचार्य और शिक्षको से आग्रह करता हूँ कि वे अपनी श्रेष्ठ रचनाएँ लिख कर हिन्दी ओलंपियाड फाउण्डेशन के लिए अवश्य भेजे ताकि इटावा जनपद का नाम देश विदेश में बडे गर्व के साथ लिया और पढ़ा जा सके।

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