रमजान उल मुबारक का महिना आज से, मस्जिदों में तराबीह का शुरू

बरकतों, रहमतों व गुनाहों से बचने का पवित्र महीना है रमज़ान

शावेज़ नक़वी

इटावा। रमज़ान का पवित्र महीना चांद दिखने के बाद आज 19 फरवरी से शुरू होगा। मस्जिदों में नमाज और तराबीह का सिलसिला शुरू हो गया। मुस्लिम समाज के लोग रमजान में एक माह रोजा रखकर, कुरान की तिलावत कर अल्लाह की इबादत करेंगे। रमजान उल मुबारक का चांद दिखते ही बाजार भी गुलजार हो गए, बाजार में खजूर, फल, बिस्कुट, फैनी, सिंवई आदि की दुकानें सज गईं, मुस्लिम समाज के लोगों ने चांद देखने के बाद बाजार का रुख किया और सहरी के लिए दूध, फैनी, बिस्कुट और इफ्तार के लिए खजूर, पापड़, फल आदि की जमकर खरीदारी की। खजूर 70 रुपये किलो से 200 रुपये किलो, मटरी बिस्कुट 120 रुपये किलो से 160 रुपये किलो, फेनी 120 रुपये किलो से 160 रुपये किलो व सिंवई 60 रुपये किलो की दर से बाजार में बिक रही है। रमजान को लेकर फलों के दाम भी मंहगे हो गए हैं। चांद रात को शहर के मुख्य बाजारों में काफी रौनक दिखी। रमज़ान उल मुबारक में कुरान नाजिल हुआ और रोज़े फर्ज किये गए। रमजान में अल्लाह रोजेदारों की दुआ को कुबूल करता है। रमजान का महीना बरकतों और रहमतों का महीना है। अल्लाह रमजान में नेकी के दरवाजे खोल देता है और गुनाहों के दरवाजे बंद कर देता है। रमज़ान के महीने में रोज़ा रखना अनिवार्य है। रमज़ान इस्लामी कलेंडर का नवां महीना है जिसमें पूरे माह अल्लाह की इबादत की जाती है। ये वो महीना है जिसमें इंसान झूट, फरेब, धोखे और गुनाह से दूर रहता है। पांच वक्त की पाबंदी से नमाज पढ़ता है, रोजे़ रखता है। रमज़ान में रोज़ा रखना, रोज़ेदार की कदर करना, रोज़ेदार का एहतिराम करना भी अल्लाह ने इबादत करार दिया है। शहर की विभिन्न मस्जिदों में तराबीह का क्रम भी शुरू हो गया और मुसलमान अल्लाह की इबादत करने में जुट गए। रमजान में मस्जिदों सहित मोहल्लों में इफ्तार के आयोजन पूरे माह चलेंगे। रमज़ान को लेकर बाजार में सजीं बिस्कुट, खजूर, फैनी, सिंवई की दुकानें।

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