संसद में अध्यादेश लाकर RTE एक्ट में संशोधन क्यों नहीं कर रही केंद्र सरकार _ महेंद्र सिंह
करंट विज़न संवाददाता
लखनऊ: आम आदमी पार्टी शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र सिंह ने आज केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार की उलटी चाल ने अनुभवी शिक्षकों को सड़क पर लाने की साजिश रच दी है और इसके खिलाफ आप शिक्षक प्रकोष्ठ ने अब बिगुल फूंक दिया है। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि “अध्यादेश लाओ या गद्दी छोड़ो” क्योंकि गुरुओं के सम्मान से समझौता आम आदमी पार्टी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। महेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार टीईटी (TET) के नाम पर अनुभवी शिक्षकों की ‘मॉब लिंचिंग’ करना चाहती है । यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कल तक जो बच्चों का भविष्य संवार रहे थे, आज वे खुद अपनी पात्रता की जंग लड़ रहे हैं, लेकिन शिक्षकों का यह दर्द सुनने वाला सत्ता में कोई नहीं बैठा है। महेंद्र सिंह ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षक-विरोधी नीतियों का अंत अब करीब है क्योंकि 2011 से पहले नियुक्त गुरुओं को ‘अयोग्य’ कहना उनकी दशकों की निष्ठा और राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान का घोर अपमान है। उन्होंने सवाल किया कि जो सरकार बड़े-बड़े पूंजीपतियों के लाखों-करोड़ों के कर्ज माफ करने के लिए रातों-रात नियम बदल सकती है, वही सरकार आज इन लाखों शिक्षकों का घर बचाने के लिए संसद में अध्यादेश लाकर RTE एक्ट में संशोधन क्यों नहीं कर रही है? क्या दशकों का शिक्षण अनुभव एक दो घंटे की कागजी परीक्षा से छोटा हो गया है? उन्होंने आगे कहा कि 50 साल की उम्र में पहुँच चुके शिक्षकों को, जिन्होंने हजारों छात्रों को डॉक्टर और इंजीनियर बनाकर देश की सेवा में लगाया, उन्हें आज ‘पात्रता परीक्षा’ के नाम पर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। आम आदमी पार्टी की स्पष्ट मांग है कि केंद्र सरकार तुरंत हस्तक्षेप करे और कार्यरत शिक्षकों को ‘वन-टाइम रिलैक्सेशन’ प्रदान करते हुए उनके अनुभव को ही पात्रता का सर्वोच्च पैमाना माने। महेंद्र सिंह ने घोषणा की कि यदि सरकार ने जल्द ही अध्यादेश का रास्ता साफ नहीं किया, तो आम आदमी पार्टी शिक्षकों के सम्मान की इस लड़ाई को गांव-गांव और गली-गली तक ले जाएगी ।
