करंट विज़न संवाददाता
औरैया – गुरुवार को गांव भरतौल में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन विद्वान भगवताचार्य राजेंद्र दास जी पाठक ने प्रह्लाद चरित्र, गजेंद्र मोक्ष, समुद्र मंथन, कृष्ण जन्म और रामजन्म की कथाओं के बहुत ही मार्मिक और सारगर्भित प्रसंग सुनाए। जिन्हें सुनकर श्रोता देर शाम तक भागवत पंडाल में डटे रहे। कथा के बीच बीच में आचार्य जी ने बहुत से दृष्टांत और रामनाम के संकीर्तन भी प्रस्तुत किए। बुधवार की रात्रिकालीन वेला में राधेश्याम रामायण के मर्मज्ञ राजा पंडित ने संगीतमय वाद्य यंत्रों के साथ रामवनवास और केवट संवाद प्रसंगों को सुनाकर श्रोताओं को स्वरों और ढोलक की ताल पर झूमने पर मजबूर कर दिया। सभी श्रोता देर रात तक राधेश्याम रामायण कथा का आनंद लेने को पंडाल में डटे रहे। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को संभालने में राजन सेंगर, महेन्द्र सेंगर, कमलेंद्र सेंगर, ललू सेंगर, सुचेंद्र सेंगर, गोविंद सिंह राजावत और देवेंद्र सिंह सेंगर का सराहनीय योगदान रहा। भागवत कथा सुनने को प्रतिदिन महिलाओं, पूरुषों और युवाओं की भीड़ उमड़ रही है।
