ग्राम प्रधान पर अवैध कब्जे का आरोप लगा
जिलाधिकारी से शिकायत कर कार्यवाही की मांग की है
करंट विज़न संवाददाता
औरैया। जिले के ब्लाक भाग्यनगर की ककराही पंचायत में सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण का एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम प्रधान और उनके पति पर आरोप लगा है कि वे सरकारी भवन निर्माण की आड़ में बेशकीमती सरकारी जमीन पर अपना निजी मकान बनवा रहे हैं। इस जमीन की अनुमानित बाजारू कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये बताई जा रही है । इस संबंध में जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता जगत सिंह निवासी लोहिया नगर, ककराही, दिबियापुर ने जिलाधिकारी को दिये शिकायती पत्र के अनुसार ब्लाक भाग्यनगर की ग्राम पंचायत ककराही ग्राम सभा की भूमि संख्या 453 पर यह निर्माण कार्य चल रहा है। आरोप है कि प्रधान पति द्वारा पंचायत की इस जमीन को सरकारी बताकर वहां अपना निजी कब्जा किया जा रहा है। इस जमीन की अनुमानित बाजारू कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये बताई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि जब प्रार्थी ने इस निर्माण के बारे में ग्राम पंचायत सचिव और लेखपाल से जानकारी मांगी तो उन्होंने किसी भी तरह की सरकारी कार्ययोजना या प्रस्ताव होने से साफ इनकार कर दिया। सचिव के अनुसार इस बिल्डिंग में कोई सरकारी धन नहीं लगा है जिससे यह स्पष्ट होता है कि निर्माण निजी स्वार्थ के लिए किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रधान पति द्वारा क्षेत्र की अन्य कीमती जमीनों पर भी इसी तरह अवैध कब्जे किए जा रहे हैं । ग्राम पंचायत ककराही में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के दावों को अब तस्वीरों से बल मिल रहा है। शिकायतकर्ता द्वारा साझा की गई एक हालिया तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि एक बड़े हिस्से पर पक्का निर्माण कार्य जोरों पर है।तस्वीर में एक निर्माणाधीन ढांचा दिखाई दे रहा है जिसमें सीमेंट की बोरियों का ढेर और पक्के पिलर खड़े किए जा चुके हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह वही गाटा संख्या 453 है जिसे ग्राम प्रधान और उनके पति ने अपना निजी किला बनाने के लिए चुना है।ग्रामीणों का सवाल है कि यदि यह कोई सरकारी परियोजना नहीं है जैसा कि सचिव और लेखपाल ने स्पष्ट किया है तो आखिर किस अनुमति के आधार पर यह निर्माण किया जा रहा है । मौके पर मौजूद सामग्री और निर्माण की गति ग्राम प्रधान के रसूख की ओर इशारा कर रही है। इस साक्ष्य के सामने आने के बाद अब ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए। जमीन की पैमाइश कर अवैध कब्जे को ध्वस्त किया जाए और दोषी ग्राम प्रधान के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
