करंट विज़न संवाददाता
कानपुर देहात विकास भवन सभागार में “उत्तर प्रदेश में बाल श्रम उन्मूलन हेतु राज्य कार्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जिला कार्य योजना को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से जिला स्तरीय कार्यशाला का श्रम विभाग और एसोसिएशन फॉर वालेंटरी एक्शन द्वारा आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ जिलाधिकारी कपिल सिंह, पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय एवं मुख्य विकास अधिकारी, विधान जायसवाल द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इसके उपरान्त बाल श्रम निषेध के सम्बन्ध में जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। सहायक श्रम आयुक्त राम अशीष द्वारा समस्त अतिथियो को पौध भेटकर सम्मानित किया गया एवं मंचासीन अतिथियों तथा प्रतिभागियों का परिचय कराया गया। बैठक मे राम अशीष, सहायक श्रमायुक्त, कानपुर देहात द्वारा कार्यशाला के उददेश्य के बारे में विस्तार से बताया गया। बैठक की अध्यक्षता कर रहे जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कहा कि सभी को बाल श्रग के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। सरकार के उच्चस्तर से भी प्रदेश को बाल श्रम मुक्त करने हेतु सभी सरकारी,गैर सरकारी संगठनो व जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपेक्षा की गई है। हम सब को मिलकर अपने जनपद को वर्ष 2026 से बाल श्रम मुक्त कराना है। बैठक में उपस्थित पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय कहा कि सभी बच्चे वयस्कों की जिम्मेदारी हैं और यदि बच्चों को सही समय पर सही मार्गदर्शन मिल जाये तो उनका जीवन बदला जा सकता है। उन्होने यह भी कहा कि पुलिस यह आश्वस्त करती है कि जिसकी कही सुनवाई न हो उसके है। लिए हमारी पुलिस हर समय उपलब्ध मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल ने बाल श्रम के व्यापार पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव के सम्बन्ध मे अवगत कराते हुए कहा कि बाल श्रम को लेकर हमे सतर्क रहना है ताकि बाल श्रम के कारण हमारा व्यापार प्रभावित न हो और सभी बच्चों को शिक्षा से जोडा जाये। श्रम विभाग के राज्य समन्वयक सैयद रिजवान अली द्वारा कार्यशाला का विस्तृत विवरण साझा किया गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2027 तक प्रदेश के सभी जनपदों को बाल श्रम मुक्त तथा चयनित आकांक्षी जनपदों को दिसंबर 2026 तक बाल श्रम मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित है। विशेष रूप से कानपुर देहात जनपद को बाल श्रम मुक्त बनाने हेतु सभी संबंधित विभागों के आपसी समन्वय, संयुक्त कार्यवाही एवं एक मंच पर कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही कानपुर देहात के समस्त ईंट भट्टों में कार्यरत श्रमिकों के पंजीकरण कराए जाने का अनुरोध भी किया गया। इस अवसर पर एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन से कार्यक्रम समन्वयक अमरेंद्र कुमार द्वारा संस्था का परिचय दिया गया तथा उसके मिशन एवं विज़न पर चर्चा की। साथ ही जनपद में सहयोगी संस्था के द्वारा बाल श्रम पर किए जाने वाले कार्यों के बारे में बताया गया और श्रम विभाग के साथ कन्वर्जेस कर बाल श्रम मुक्त कानपुर देहात बनाने हेतु मिलकर कार्य करने पर विशेष जोर दिया। कार्यशाला मे लघु उद्योग भारती के मण्डल अध्यक्ष अनुराग मालवीय व हिमांशु सिंह, इण्डियन इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के आलोक जैन, सचिन गर्ग, आशीष गुप्ता उर्फ मोनू, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल, सूर्यकान्त त्रिपाठी, जिला महामंत्री, महेश चन्द्र अग्रवाल, युवक व्यापार मण्डल, कानपुर देहात, नीरज मिश्रा, अजय बाजपेई एवं अजय कुमार मित्तल, अध्यक्ष जिला ईट निर्माण समिति, कानपुर देहात, कल्लूराम, जिला मंत्री भारतीय मजदूर संघ, सुरेन्द्र कुमार गौतम, उ०प्र० ग्रामीण मजदूर संगठन आदि द्वारा बाल श्रम के सम्बन्ध में अपने विचार व्यक्त किये गये। इस अवसर पर सैयद रिज़वान अली द्वारा सभी प्रतिभागियों को टीमों में विभाजित कर एक्टिविटी आधारित चर्चा कराई गई, जिसमें “बाल श्रम मुक्त मुक्त बनाने हेतु जिला स्तरीय एक्शन प्लान तैयार कर प्रस्तुत किया गया। बैठक में राम अशीष, सहायक श्रमायुक्त, कानपुर देहात द्वारा कार्यशाला के अंत में सभी विभागों के कन्वर्जेस को मजबूत करने तथा बाल श्रम हॉटस्पॉट क्षेत्रों में थाना स्तर पर विशेष टीम गठित करने के विचार व्यक्त किये गये ताकि बाल श्रम की रोकथाम, त्वरित रेस्क्यू एवं सतत् निगरानी सुनिश्चित की जा सके। कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति, थाना प्रभारी, ए.एच.टी.यू. श्रम विभाग के अधिकारी व कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।
