करंट विज़न संवाददाता
कानपुर देहात अकबरपुर में जहाँ एक ओर सरकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर अकबरपुर स्थित विकास खण्ड कार्यालय परिसर में फैली गन्दगी इन दावों की पोल खोलती नज़र आ रही है। कार्यालय परिसर में जगह-जगह कूड़े के ढेर, प्लास्टिक कचरा, गंदा पानी और दुर्गंध से आमजन परेशान हैं। विकास खण्ड कार्यालय वह स्थान है, जहाँ प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचते हैं। लेकिन परिसर की बदहाल स्थिति से न केवल आम जनता को परेशानी हो रही है, बल्कि सरकारी कामकाज की छवि भी धूमिल हो रही है। कार्यालय परिसर बना कूड़ा घर कार्यालय के मुख्य द्वार से लेकर अंदरूनी हिस्सों तक गन्दगी फैली हुई है। नालियों की समय से सफाई न होने के कारण गंदा पानी जमा है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। बारिश के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। आम लोगों में रोष कार्यालय आए ग्रामीणों का कहना है कि “सरकारी दफ्तर में ही अगर साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखा जा रहा, तो गांवों में स्वच्छता की क्या उम्मीद की जाए?” लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद सफाई व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया गया। जिम्मेदार मौन सबसे हैरानी की बात यह है कि संबंधित अधिकारी और कर्मचारी इस समस्या को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। न तो नियमित सफाई कराई जा रही है और न ही निगरानी की कोई ठोस व्यवस्था दिखाई देती है। स्वच्छता अभियान पर सवाल विकास खण्ड कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण सरकारी परिसर में गन्दगी का अंबार होना स्वच्छ भारत मिशन की सफलता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह स्थिति किसी बड़ी बीमारी को न्योता दे सकती है। प्रशासन से कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी एवं उच्च अधिकारियों से मांग की है कि विकास खण्ड कार्यालय की साफ-सफाई तत्काल कराई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो
