इटावा की गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक: दरगाह हजरत नूर अली सैय्यद बाबा के उर्स में वरिष्ठ पत्रकार मसूद तैमूरी का भव्य सम्मान*

*इटावा की गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक: दरगाह हजरत नूर अली सैय्यद बाबा के उर्स में वरिष्ठ पत्रकार मसूद तैमूरी का भव्य सम्मान*

करंट विज़न

इमरान खान

इटावा, जनपद इटावा में गंगा-जमुनी संस्कृति और सूफी सद्भाव का प्रतीक, दरगाह हजरत नूर अली सैय्यद बाबा (ज़ैल वाले सैय्यद बाबा) के तीन दिवसीय सालाना उर्स के दूसरे दिन शुक्रवार की रात एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पधारे वरिष्ठ पत्रकार एवं पंजाब केसरी के ब्यूरो चीफ, मसूद तैमूरी का दरगाह के खादिम मोनू बशीर नियाज़ी, सोनू नियाजी, ज़िम्मी नियाजी एवं पूरी दरगाह कमेटी ने भव्य स्वागत कर सम्मानित किया। खादिम परिवार ने पारंपरिक रिवाज़ के अनुसार मसूद तैमूरी का माल्यार्पण करके और उन्हें साफा बांधकर उनका अभिनंदन किया। यह सम्मान सूफी परंपरा में अतिथि के प्रति आदर और स्नेह के प्रतीक के रूप में दिया जाता है। इस धार्मिक आयोजन में सभी धर्मों और समुदायों के लोगों की उपस्थिति ने इटावा की साझा सांस्कृतिक विरासत और सद्भावना को एक बार फिर रेखांकित किया। दरगाह परिसर में फकीरी संगीत, कव्वाली और धार्मिक चर्चाओं का दौर भी जारी रहा। उर्स के आयोजकों ने कहा कि यह आयोजन बाबा की शिक्षाओं – प्रेम, भाईचारे और मानवता की सेवा – को आगे बढ़ाने का एक माध्यम है। इस तरह के समागम से समाज में आपसी प्रेम और सहिष्णुता का संदेश मजबूत होता है।

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