शावेज़ नक़वी
इटावा। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की एक बैठक सिंचाई संघ भवन में अध्यक्ष राजेश मिश्रा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में डीपीआरओ के रिश्वत लेते हुए वायरल वीडियो के संबंध में चर्चा हुई। बैठक में उन पर लगे आरोपों की गंभीरता से जांच कराने की मांग की गई। बैठक में बताया गया कि तैनाती से लेकर आज तक उनके द्वारा ग्राम पंचायत सचिव एवं सफाई कर्मियों का लगातार उत्पीड़न किया जा रहा। कई सचिवों एवं सफाई कर्मचारियों का निलंबन किया गया फिर भारी धन उगाही करके उनको अन अंतिम एवं पूर्ण रूप से बहाल भी किया गया। इनके द्वारा अपने ऑफिस के कंप्यूटर में सचिवों के लिए 15 बिंदु तथा सफाई कर्मचारियों के लिए 8 बिंदुओं का नोटिस बनाकर रखा गया है इस 4 साल के कार्यकाल में यह जिन पंचायतो मैं गए वहां जांच के नाम पर नोटिस जारी करके आए और कई सचिवों व सफाई कर्मचारियों से भारी धन उगाही की गई है उनके भ्रष्टाचार से परेशान होकर ग्राम पंचायत सचिवों एवं सफाई कर्मियों द्वारा कई बार इनके खिलाफ धरना प्रदर्शन भी किया गया लेकिन उच्च अधिकारियों ने उनके विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई जिसके कारण सभी कर्मचारी दबाव में आकर इस प्रकार इनकी मनमर्जी के अनुसार कार्य करने को मजबूर हो गए। इस संबंध में ग्राम पंचायत अधिकारी /ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति द्वारा 19 जनवरी डीएम को ज्ञापन दिया गया था । डीपीआरओं बनवारी सिंह जिला बागपत में भी विवादित रहे हैं विवाद के बाद ही वहां से हटाकर यहां तैनात किया गया। परिषद की मांग है कि उनके कार्यकाल एवं भ्रष्टाचार से अर्जित अकूत धन की गहनता से जांच कराई जाए तथा जो भी न्यायोचित कार्यवाही संभव हो वह भी की जाए बैठक में दिलीप मिश्रा ने अवगत कराया कि सेवानिवृत कर्मचारियों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति के नाम पर हजारों रुपए वसूलने के बाद ही इनके आवेदन अग्रसारित की जाते हैं यदि इसको समय रहते नहीं रोका गया तो भविष्य में कभी भी बड़े आंदोलन की रूपरेखा बन सकती है जिसके लिए जिला प्रशासन जिम्मेदार होगा बैठक में राजेश मिश्रा, दिलीप मिश्रा, राम तेज यादव, रिजवान अहमद, पूरन सिंह, विपिन कुमार धनगर अखिलेश कुमार, संजय कठेरिया, राहुल तोमर, संदीप सिंह राजावत, बदलू कठेरिया, अखिलेश कुमार गौतम, रामकुमार, सोयब हुसैन, जय प्रकाश यादव, आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्रवाई की मांग करते परिषद के पदाधिकारी।
