करंट विज़न संवाददाता
दिबियापुर । ज्ञान, विद्या एवं बुद्धि की अधिष्ठात्री देवी माँ शारदे का पावन पर्व ‘वसंत पंचमी’ शुक्रवार को सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, दिबियापुर में अत्यंत श्रद्धा, उल्लास एवं वैदिक परंपराओं के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में आयोजित पंचकुंडीय यज्ञ और पाटी पूजन कार्यक्रम में विद्यार्थियों व अभिभावकों का जनसैलाब उमड़ा, जिससे संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और वासंतिक छटा से सराबोर हो उठा।
दीप प्रज्ज्वलन एवं भव्य श्रृंगार
उत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला प्रचारक श्री अनूप जी, विद्यालय प्रबंधक श्री गुरु नारायण अग्रवाल, उपाध्यक्ष श्री रामौतार राजपूत, कोषाध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार सविता, प्रबंध समिति सदस्य डॉ. अनिरुद्ध प्रताप सिंह एवं प्रधानाचार्य श्री राजेश कुमार गुप्ता द्वारा माँ वीणावादिनी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। माँ सरस्वती का भव्य श्रृंगार आकर्षण का केंद्र रहा, जहाँ सभी ने नतमस्तक होकर सुखद भविष्य की कामना की।
पंचकुंडीय यज्ञ से गुंजायमान हुआ परिसर
वसंतोत्सव के उपलक्ष्य में विद्यालय परिसर में पंचकुंडीय महायज्ञ का आयोजन किया गया। मुख्य वेदी पर यजमान के रूप में प्रबंधक श्री गुरु नारायण अग्रवाल एवं प्रधानाचार्य श्री राजेश कुमार गुप्ता एवं अतिथि गण विराजमान रहे। अन्य वेदियों पर पाटी पूजन हेतु आए अभिभावकों एवं आचार्य बंधुओं ने आहुतियां दीं। यज्ञाचार्य श्री सचिन त्रिपाठी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्री सूक्त एवं दुर्गा सप्तशती के मंत्रों द्वारा हवन संपन्न कराया। जौ, तिल और घी की सुगंधित आहुतियों से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।
संस्कार और संस्कृति का पर्व
इस अवसर पर प्रबंधक श्री गुरु नारायण अग्रवाल ने अक्षर ज्ञान की महत्ता पर प्रकाश डाला। वहीं प्रधानाचार्य श्री राजेश कुमार गुप्ता ने कहा कि: “वसंत पंचमी केवल ऋतु परिवर्तन का संकेत नहीं, बल्कि यह हमारी भारतीय संस्कृति, विद्या और संस्कारों का महापर्व है। विद्यार्थियों को ज्ञानार्जन के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को अपने जीवन में अनिवार्य रूप से उतारना चाहिए।”
पाटी पूजन एवं पीत आभा
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 200 नन्हे भैया-बहनों का पाटी पूजन रहा, जिन्हें विधि-विधान के साथ शिक्षा के मार्ग पर अग्रसर किया गया। पीले वस्त्रों में सजे विद्यार्थियों के कारण विद्यालय परिसर में हर ओर पीतवर्ण की आभा बिखरी नजर आ रही थी। यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद माँ सरस्वती की भव्य आरती हुई और सभी को प्रसाद वितरित किया गया।
संपूर्ण कार्यक्रम भक्ति, अनुशासन और सांस्कृतिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर समस्त विद्यालय परिवार एवं बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।
सरस्वती विद्या मंदिर में पंचकुंडीय यज्ञ के साथ वसंतोत्सव का भव्य आयोजन
