इटावा। हर साल की तरह इस साल भी गंगा जमुनी तहजीब की प्रतीक दरगाह हज़रत अरशद अली उर्फ माशूक अली वाईस ख्वाजगान का तीन दिवसीय सालाना उर्स 11,12 एवं 13 जनवरी को फतेहपुर सीकरी के सज्जादानशीन हज़रत सूफ़ी कमरूद्दीन लियाकती की सरपरस्ती में आयोजित होगा। उर्स की जानकारी देते संयोजक एवं पत्रकार मसूद तैमूरी एवं रईस अहमद ने बताया कि उर्स की शुरुआत 11 जनवरी दिन रविवार को बाद नमाज़ फजिर कुरान ख्वानी से होगी चादर पेश की जायेगी दोपहर दो बजे नज़र मौला अली होगी, मगरिब बाद मीलाद शरीफ होगा। उर्स के दूसरे दिन 12 जनबरी दिन सोमवार को बाद नमाज़ फजिर कुरान ख्वानी होगी प्रातः 10 बजे श्रद्धालुओं द्वारा हज़रत अरशद अली उर्फ माशूक अली वाईस ख्वाजगान पर चादरें एवं गागरे पेश की जायेगी दोपहर दो बजे नज़र मौला अली होगी और बाद नमाज़ ईशा महफिलें शमा होगी जिसमें मशहूर कव्वाल अपना कलाम पेश करेगें। श्री तैमूरी ने बताया कि उर्स के अन्तिम दिन 13 जनवरी दिन मंगलवार को बाद नमाज़ फजिर कुरान ख्वानी होगी प्रातः 10 बजे गुसल और 11 बजे कुल शरीफ हज़रत अरशद अली उर्फ माशूक अली वाईस खवाजगान होगा। इसके बाद रंग ए महफ़िल होगी और लंगर वितरण।के साथ उर्स का समापन होगा श्री तैमूरी ने सभी वर्ग के लोगों से उर्स में भाग लेने की अपील की है। बाइस ख्वाजा स्थित हज़रत अरशद अली उर्फ माशूक अली की दगाह।
हज़रत अरशद अली उर्फ माशूक अली का तीन दिवसीय उर्स कल से
