बूढ़े मां बाप को भगाकर लोग कुत्ते पाल लेते हैं —
इश्क करते हैं अपने वतन से हम लखनऊ छोड़कर लाहौर नहीं जाएंगे —
करंट विज़न संवाददाता
इटावा। प्रदर्शनी पंडाल में आल इंडिया मुशायरे का शानदार आयोजन किया गया। मुशायरे का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष अंशुल यादव ने मंच पर शमा रोशन करते हुए कहा मुशायरे में देश के मशहूर शायरों ने आकर चार चांद लगा दिए। मुशायरा सुबह चार बजे कामयाबी के साथ सम्पन्न हुआ।
मुशायरे के संयोजक फुरकान अहमद पूर्व चेयरमैन नगर पालिका ने जिला पंचायत अध्यक्ष अंशुल यादव, सांसद जितेंद्र दोहरे, विधायक भरथना राघवेंद्र गौतम व सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप शाक्य बबलू, पूर्व प्रत्याशी सर्वेश शाक्य का बैज लगाकर स्वागत किया। सह संयोजक नफीसुल अंसारी व डा. कुश चतुर्वेदी ने शायरों का स्वागत किया। पूर्व चेयरमैन नोशाबा खानम ने शायरा अंजुम रहबर का स्वागत किया। मुशायरे में देश के नामचीन शायरों अंजुम रहबर, माजिद देवबंदी, मंजर भोपाली, जौहर कानपुरी बेहतरीन शायरी कर श्रोताओं की जमकर वाहवाही लूटी। मुशायरे का शानदार संचालन करते हुए शायर नदीम फर्रुख ने कहा हिन्दू मुस्लिम आपके माथे पर चाहे जो भी हो, आपके सीने में हिंदुस्तान होना चाहिए। देवबंद से आये शायर डा. नदीम शाद ने नात पाक पेश करते हुए कहा आपके बस की बात नहीं है आप नहीं कर पाएंगे, जालिम को जालिम कहने में हिम्मत करनी पड़ती है। शायरा शबीना अदीब ने कहा सारे गम वहीं पर हैं हर खुशी वहीं पर है, हम जहां बिछड़े थे जिंदगी वहीं पर है। शायर राहुल शर्मा मुरादाबादी ने कहा कलमकारों सियासत से बनाकर रखना दूरी, ये तुमसे ले तो सकती है कुछ दे नहीं सकती। डा. ओम शर्मा लखनऊ ने कहा जिस्म से जान निकल लेते कैसे वो खुद को ढाल लेते हैं, बूढ़े मां बाप को भगाकर लोग कुत्ते पाल लेते हैं। शायर बिलाल सहारनपुरी ने कहा छोड़के घर को किसी दौर नही जाएंगे जिनको जाना था गए और नहीं जाएंगे, इश्क करते हैं अपने वतन से हम लखनऊ छोड़कर लाहौर नहीं जाएंगे। युवा शायरा हिमांशी बाबरा मेरठ ने कहा साथ देने का दिलाया था भरोसा तूने, और फिर छोड़ दिया अकेला तूने। हास्य शायर जहाज देवबंदी ने कहा फासले सबके सब मिटा डालूं उस कदर दिल नवाज हो जाऊं, लेके उड़ जाऊं सब हसीनों को काश ऐसा जहाज हो जाऊं। शायर हाशिम फीरोजाबादी ने कहा जिनकी जुल्फों से खेलता था मैं वो मेरी जिंदगी से खेलें हैं, आज पहुंचे हैं इस नतीजे पर इश्क में किस कदर झमेले हैं। मुशायरे की परंपरा के अनुसार आमिर अंसारी ने निसार सीमावी और समी उद्दीन जुबैरी ने बेदम शाह वारसी की गजल पेश की। इसके अलावा ख़ुर्शीद हैदर, अमीर इमाम,अली बाराबंकी, आयशा खुशनसीब, शाहबाज तालिब लखनऊ ने भी कलाम पेश किए। आल इंडिया मुशायरे की सफलता में में इंतखाब आलम रौनक इटावी, नदीम अहमद एड., आरिफ सिद्दीकी नूर, ताबिश खान, शावेज़ नक़वी, निहाल खान, असलम अंसारी, शफी अहमद बालक, शाहिद हुसैन, रफत खान, सलमान खान, अंकित दीक्षित, मो. सुल्तान आदि का सराहनीय योगदान रहा। शांति स्वरूप पाठक एड., रमा शंकर चौधरी एड., सुरेश त्रिपाठी एड., अनिल मिश्रा, राजीव शर्मा, प्रवीन तिवारी, राम जी, पूर्व मंत्री राम प्रसाद सविता, प्रधानाचार्य गुफरान अहमद, आशीष राजपूत, विक्की गुप्ता, हाजी गुडडू मंसूरी, धीरेंद्र यादव, फरहान शक़ील, एडवोकेट काशिफ़ा नाज़, जैनुल आबेदीन, कामरान खान, रिजवान कुरैशी सहित बड़ी संख्या में दर्शकों ने मुशायरे का आनन्द लिया। संयोजक फुरकान अहमद ने मुश्सयरे की कामयाबी के लिए अतिथियों, शायरों सहित श्रोताओं के शुक्रिया अदा किया।
शमा रोशन करते जिला पंचायत अध्यक्ष अंशुल यादव व शायरी करते शायर।
